
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच जमीन में दबाकर रखा गया हथियारों और बारूद का एक बड़ा गुप्त ठिकाना जवानों ने ढूंढ निकाला है। बारसूर इलाके के जंगलों में नक्सलियों ने किसी बड़ी खूनी साजिश को अंजाम देने के मकसद से भारी मात्रा में मौत का सामान छिपा रखा था। अगर यह जखीरा वक्त रहते बरामद न होता, तो इलाके में कोई बहुत बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
यह पूरी कार्रवाई आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों से मिली बेहद गोपनीय और पुख्ता सूचना के आधार पर की गई। खबर मिलते ही 5 अक्टूबर को जिला पुलिस बल, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की एक संयुक्त टुकड़ी बीहड़ों की तरफ रवाना हो गई। जवानों ने मंगनार, बुरदूम, तोड़मा और कोहकाबेड़ा के जंगलों और संकरे पहाड़ी रास्तों को रातभर खंगाला। आखिरकार 6 अक्टूबर की अलसुबह करीब 6:30 बजे कोहकाबेड़ा और बुरदूम के बीच पहाड़ी पत्थरों और मिट्टी के नीचे दबा नक्सलियों का डम्प जवानों की नजर में आ गया।
जवानों ने जब मौके की खुदाई शुरू की, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। नक्सलियों ने वहां सिर्फ साधारण बंदूकें ही नहीं, बल्कि आधुनिक और बेहद घातक हथियारों की पूरी खेप दबा रखी थी। जमीन के नीचे से एक अत्याधुनिक AK-47 रायफल, एक इंसास (INSAS) रायफल और भारी तबाही मचाने वाला बीजीएल (BGL) लांचर बरामद किया गया। इसके अलावा एक .315 बोर की देसी बंदूक और छह भरमार बंदूकें भी मौके से निकाली गईं।
हथियारों के साथ-साथ बारूद और गोलियों का भी पूरा अंबार मिला। सुरक्षा बलों को 23 नग AK-47 राउंड मय मैगजीन, एक इंसास मैगजीन, .315 बोर के 138 जिंदा कारतूस, 9 बीजीएल सेल और 5 बीजीएल राउंड मिले हैं। इतनी बड़ी तादाद में कारतूस और रॉकेट जैसे लॉन्चर गोलों की मौजूदगी यह साफ दर्शाती है कि नक्सलियों ने इसे सिर्फ छिपाने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा बलों पर अचानक हमला बोलने की नीयत से तैयार रखा था।
सबसे खौफनाक बरामदगी विस्फोटकों की रही। जवानों ने मौके से आठ तैयार कुकर बम, दो टिफिन बम और दो घातक तीर बम बरामद किए। इन्हें जोड़ने और रिमोट से उड़ाने के लिए करीब 20 मीटर कॉडेक्स वायर और 20 मीटर लाल-काले रंग का बिजली का तार भी रखा गया था।
हथियारों के अलावा जंगल में कैंप चलाने और आपस में संपर्क साधने का पूरा नेटवर्क भी मिला। इसमें 20 वॉकी-टॉकी सेट, 24 पिस्टन रॉड स्प्रिंग, दो जोड़ी नक्सली वर्दी, एक घरेलू इन्वर्टर, दो कार इन्वर्टर और तकनीकी जांच के लिए एक मल्टीमीटर शामिल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिले सुराग ने इस बड़े खतरे को टाल दिया है। अब पूरे इलाके की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया है।





