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PM मोदी के 25 साल सेवा और सुशासन को समर्पित: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

'नमो सेवा गाथा' शो में दिखी पीएम की जीवन यात्रा, साय बोले- बस्तर में अब विकास का दौर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के मौके पर रायपुर के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पीएम मोदी का पूरा जीवन आम लोगों की भलाई, पक्के इरादों और देश सेवा की मिसाल है। कार्यक्रम में ‘नमो सेवा गाथा’ लाइट एंड साउंड शो के जरिए पीएम मोदी के संघर्ष से लेकर देश के नेतृत्व तक के सफर को बड़े ही रोचक अंदाज में दिखाया गया।

मुख्यमंत्री साय ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 7 अक्टूबर का दिन देश के लिए बेहद खास है। आज ही के दिन नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक सत्ता और सेवा के क्षेत्र में कदम रखा था। लगभग 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और 12 साल से ज्यादा समय से देश के प्रधानमंत्री के तौर पर उनका सफर जनता के कल्याण को समर्पित रहा है। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर हर योजना के केंद्र में गरीब, किसान, महिला और युवाओं को रखा है। 2047 तक भारत को विकसित बनाने का जो सपना पीएम ने देखा है, उसे पूरा करने में हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

सीएम ने बताया कि पीएम के जन्मदिन के उपलक्ष्य में प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जा रहा है, ताकि समाज सेवा और स्वच्छता की भावना घर-घर पहुंचे। युवाओं को सीख देते हुए उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश का नेतृत्व करने तक का पीएम का सफर यह सिखाता है कि अगर नीयत साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो किसी भी मुश्किल को मौके में बदला जा सकता है।

बस्तर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी गोलियों की आवाज और डर के साए में जीने वाला बस्तर अब बदल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की सख्ती तथा जवानों की बहादुरी से नक्सलवाद पर ऐतिहासिक लगाम लगी है। जिन अंदरूनी इलाकों में पहले कोई जाने की सोच भी नहीं सकता था, वहां अब पक्की सड़कें, स्कूल, अस्पताल और मोबाइल नेटवर्क पहुंच रहे हैं। अब वहां के युवाओं के हाथों में बंदूक नहीं, बल्कि किताबें और रोजगार के साधन हैं।

किसानों और महिलाओं के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये की मदद सीधे खाते में दी जा रही है। अब तक 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बांटी जा चुकी है, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और घर के फैसलों में उनकी बात सुनी जा रही है।

छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे की बात करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में रेल नेटवर्क सुधारने के लिए 51 हजार करोड़ रुपये के काम चल रहे हैं और 32 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसके साथ ही ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत राज्य के 6,691 आदिवासी गांवों में बिजली, पानी, सड़क और पक्के मकान जैसी जरूरी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, ताकि समाज का हर तबका तरक्की की दौड़ में बराबरी से आगे बढ़ सके।

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