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रायपुर में 8 अक्टूबर को INDIA का धरना, अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष जुटेंगे कार्यकर्ता

मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस का दो माह का देशव्यापी आंदोलन, 'लोकतंत्र बचाओ सप्ताह' के तहत होगा नागरिक प्रतिरोध

चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब राजधानी रायपुर में भी बड़ा सियासी घमासान देखने को मिलेगा। ‘देश बचाओ, वोट बचाओ, संविधान बचाओ’ के नारे के साथ गुरुवार, 8 अक्टूबर को इंडिया गठबंधन के तमाम दल और छात्र संगठन रायपुर के कलेक्ट्रेट चौक पर जोरदार धरना देने जा रहे हैं।

यह प्रदर्शन शाम 4 बजे से 6 बजे तक डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने होगा। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि लोकतंत्र में जनता का वोट ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और वे किसी भी हाल में ‘वोटों की हेराफेरी’ बर्दाश्त नहीं करेंगे। आयोजकों ने शहर के आम लोगों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भी बड़ी संख्या में जुटने की अपील की है ताकि चुनावी निष्पक्षता को लेकर एक मजबूत संदेश दिया जा सके।

दरअसल, यह धरना कांग्रेस के दो महीने तक चलने वाले उस राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत का हिस्सा है, जिसे ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ के नाम से चलाया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग सत्ता पक्ष के इशारे पर काम कर रहा है और वोटर लिस्ट से मनमाने ढंग से नाम हटाए जा रहे हैं। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, उन पर केस दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रही है।

रायपुर में होने वाले इस धरने के बाद यह आंदोलन और तेज होने वाला है। तय योजना के मुताबिक, 10 से 20 अक्टूबर के बीच हर ब्लॉक में साइकिल और बाइक रैली निकालकर एसडीएम दफ्तरों तक मार्च किया जाएगा। इसके बाद 25 अक्टूबर से कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर ‘वोट रक्षक’ बनकर वोटर लिस्ट की जांच करेंगे और चौपालें लगाएंगे।

विपक्ष का कहना है कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं बल्कि संविधान और आम नागरिक के हक की है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली होगी और फिर 26 नवंबर को संविधान दिवस पर देश भर से लोग ‘दिल्ली चलो’ मार्च करेंगे। रायपुर का यह धरना इसी बड़े सियासी आंदोलन की जमीन तैयार कर रहा है।

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