
रायपुर।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने एक साथ कई बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी। इन निर्णयों का असर किसानों, निवेशकों, शहरी परिवहन, खनन कारोबार और प्रशासनिक ढांचे तक दिखाई देगा। खास बात यह रही कि बैठक में योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंपने का फैसला भी हुआ। इस मुद्दे पर एक दिन पहले ही द सूत्र ने खबर प्रकाशित कर संकेत दे दिया था कि योग का नया ठिकाना स्वास्थ्य तंत्र से जुड़ा विभाग बनने जा रहा है।
धान छोड़ने पर मिलेगा 15 हजार रुपए:
कैबिनेट का सबसे बड़ा फैसला कृषि क्षेत्र से जुड़ा रहा। सरकार ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना का नया स्वरूप लागू करने का निर्णय लिया है। अब जो किसान धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी फसलें लगाएंगे, उन्हें प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की आदान सहायता दी जाएगी।
सरकार का तर्क है कि इससे फसल विविधीकरण बढ़ेगा, भूजल संरक्षण को मदद मिलेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। योजना का लाभ डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टेक पंजीयन और किसान पोर्टल के आधार पर दिया जाएगा।
योग का बदला विभाग, बढ़ी चर्चाएं:
कैबिनेट का सबसे चर्चित प्रशासनिक फैसला योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन करना रहा। सरकार का कहना है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है और राष्ट्रीय स्तर पर भी योग से जुड़ी गतिविधियां आयुष ढांचे के माध्यम से संचालित होती हैं। सरकार का दावा है कि इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान गतिविधियों का बेहतर समन्वय होगा। हालांकि इस फैसले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
राशन की थाली में बना रहेगा चना:
सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत चना वितरण को जारी रखने के लिए भी कैबिनेट ने अहम निर्णय लिया है। राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से चना खरीदने की अनुमति दी गई है।
साथ ही अप्रैल से जून 2026 तक लागू व्यवस्था को तीन माह और बढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इससे पात्र हितग्राहियों को चना वितरण बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सकेगा।
शेयर बाजार में उतरेगी बिजली कंपनी:
आर्थिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड का आईपीओ शामिल है। सरकार ने कंपनी को स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
इस फैसले के बाद आम नागरिक और निवेशक भी कंपनी की हिस्सेदारी खरीद सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे पूंजी जुटाने, वित्तीय क्षमता बढ़ाने और पारदर्शिता मजबूत करने में मदद मिलेगी।
चार शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें:
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा के लिए स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है।
कैबिनेट ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
नवा रायपुर को मिली बड़ी राहत:
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को भूमि अधिग्रहण में राहत देते हुए स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर में आधारभूत संरचना विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।
खनन कारोबार पर तकनीक की निगरानी:
खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। अब खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा।
इसके साथ ही खनिजों की मात्रा और गुणवत्ता निर्धारण के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू की जाएगी। भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट भी बढ़ाया गया है।
सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा तथा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।



