महतारी वंदन की 30वीं किस्त जारी, 67.20 लाख महिलाओं के खाते में पहुंचे ₹630 करोड़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 67 लाख 20 हजार 125 महिलाओं को DBT से भेजे ₹630.55 करोड़

छत्तीसगढ़ की माताओं और बहनों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी कर दी। DBT के जरिए 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपए ट्रांसफर किए गए।
महतारी वंदन योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। सरकार का दावा है कि योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि योजना की राशि का इस्तेमाल महिलाएं बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, पोषण और घरेलू जरूरतों में कर रही हैं। कई महिलाएं इसी रकम का इस्तेमाल बचत और छोटे कारोबार में भी कर रही हैं।
सरकार के मुताबिक कई महिलाओं ने सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, किराना दुकान, सब्जी बिक्री, पशुपालन और अगरबत्ती निर्माण जैसे काम शुरू किए हैं। यानी हर महीने मिलने वाली रकम सिर्फ घरेलू खर्च तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को कमाई का रास्ता भी दे रही है। सरकार का कहना है कि योजना में DBT व्यवस्था लागू होने से पैसा सीधे महिलाओं के बैंक खातों में पहुंच रहा है। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म करने और भुगतान में पारदर्शिता बनाए रखने का दावा किया गया है।
महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से पूरे छत्तीसगढ़ में लागू है। 30वीं किस्त जारी होने के बाद योजना के तहत अब तक 19 हजार 444 करोड़ 33 लाख रुपए से ज्यादा की राशि महिलाओं के खातों में पहुंच चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक मजबूती का सीधा असर परिवार पर पड़ता है। जब माताएं आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं तो बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य को लेकर फैसले लेने की क्षमता भी बढ़ती है।
सरकार महतारी वंदन योजना को सिर्फ 1 हजार रुपए की मासिक सहायता नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का अभियान बता रही है। दावा है कि योजना से महिलाओं का आत्मविश्वास, घरेलू निर्णयों में भागीदारी और आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ी है। 30वीं किस्त के साथ सरकार ने साफ कर दिया है—महतारी वंदन योजना फिलहाल छत्तीसगढ़ की महिलाओं तक हर महीने आर्थिक मदद पहुंचाने वाली सबसे बड़ी योजनाओं में शामिल है।



