
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से व्यापक फेरबदल किया है। इस संगठनात्मक पुनर्गठन के अंतर्गत पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का नया प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ संगठनात्मक कार्यों में सहयोग और समन्वय के लिए सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा जारी नई सूची के माध्यम से देश भर के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभारियों और सह-प्रभारियों की तैनाती की गई है।
छत्तीसगढ़ में इस समय भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार कार्यरत है। ऐसे राजनीतिक परिदृश्य में प्रदेश प्रभारी की भूमिका सत्ता और संगठन के बीच मजबूत सेतु स्थापित करने में अत्यंत निर्णायक मानी जाती है। सरकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, नीतियों और प्राथमिकताओं को जन-जन तक ले जाने के साथ-साथ पार्टी संगठन के विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों को सक्रिय रखने की दोहरी जिम्मेदारी अब नई प्रभारी के कंधों पर होगी। मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ निरंतर संवाद बनाकर आगामी राजनीतिक कार्ययोजनाओं को धरातल पर उतारना प्राथमिक कार्य रहेगा।
स्मृति ईरानी की यह नियुक्ति राष्ट्रीय स्तर पर उनके बढ़ते संगठनात्मक कद को दर्शाती है। कुछ समय पूर्व घोषित पार्टी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उन्हें राष्ट्रीय महासचिव पद का दायित्व सौंपा गया था। राष्ट्रीय महासचिव बनने के बाद उन्हें किसी बड़े राज्य का प्रभार सौंपा जाना यह स्पष्ट करता है कि केंद्रीय नेतृत्व को उनके सांगठनिक अनुभव और नेतृत्व क्षमता पर गहरा भरोसा है। अब वे नियमित प्रवासों के माध्यम से राज्य के मैदानी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगी और सांगठनिक बैठकों का नेतृत्व करेंगी।
सह-प्रभारी के रूप में नियुक्त सिद्धार्थ शंभू का अनुभव भी राज्य में संगठन के विस्तार में मददगार साबित होगा। सह-प्रभारी की मुख्य भूमिका जिलों, मंडलों और बूथ स्तर तक संवाद बनाए रखने, पार्टी कार्यक्रमों की निरंतर समीक्षा करने और स्थानीय मुद्दों पर केंद्रीय नेतृत्व को फीडबैक उपलब्ध कराने की होती है। वे प्रभारी के मार्गदर्शन में राज्य भर में संगठनात्मक प्रवास कर कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने में सक्रिय सहयोग देंगे।
बीते कुछ समय से छत्तीसगढ़ में पार्टी संगठन को हर स्तर पर चुस्त-दुरुस्त करने की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। संभाग, जिला और विभिन्न प्रकोष्ठों में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां कर नई ऊर्जा भरने का प्रयास किया गया है। ऐसे समय में राज्य को अनुभवी और कद्दावर केंद्रीय नेतृत्व मिलना संगठन में नई गतिशीलता लाएगा। नवनियुक्त प्रभारी के समक्ष अब सबसे बड़ी चुनौती राज्य सरकार के कामकाज को चुनावी और राजनीतिक दृष्टिकोण से मजबूती देना तथा कार्यकर्ताओं के बीच जमीनी समन्वय को सर्वोच्च स्तर पर बनाए रखना होगा।





