
छत्तीसगढ़ के लिए रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) के क्षेत्र से एक बेहद गौरवशाली और बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत चलाए गए ‘मंथ ऑफ सोलर’ अभियान में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बड़ा मुकाम हासिल किया है।
माध्यम उपभोक्ता संख्या वाले राज्यों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में दूसरा स्थान (Second Position) हासिल किया है। राज्य को यह सफलता रिकॉर्ड तोड़ वेंडर रजिस्ट्रेशन के लिए मिली है। इस शानदार और ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ को केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित ‘पीएम सूर्य घर एक्सीलेंस अवार्ड’ (PM Surya Ghar Excellence Award) के लिए चुना गया है।
मुख्यमंत्री साय बोले- “यह ग्रीन छत्तीसगढ़ और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम हैं”
इस राष्ट्रीय गौरव पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ‘मंथ ऑफ सोलर’ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर यह पहचान मिलना पूरे राज्य के लिए बड़े गर्व और संतोष का विषय है।
“यह उपलब्धि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने, ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और जनकल्याणकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हमारी सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाती है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में हमारी सरकार ऊर्जा-आत्मनिर्भर, पर्यावरण-अनुकूल और ‘ग्रीन छत्तीसगढ़’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने वाले इस तरह के अभियानों से न केवल आम नागरिकों को भारी-भरकम बिजली बिलों से आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि यह राज्य के सतत विकास (Sustainable Development) में भी मील का पत्थर साबित होगा।
जानिए किस मोर्चे पर छत्तीसगढ़ ने मारी बाजी?
केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, राज्यों को उनके उपभोक्ता आधार (कंज्यूमर बेस) के हिसाब से अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया था। इसमें छत्तीसगढ़ को ‘मध्यम उपभोक्ता आधार’ (Medium Consumer Base) वाले राज्यों की श्रेणी में रखा गया था।
इस कैटेगरी में छत्तीसगढ़ ने सौर ऊर्जा उपकरणों की सप्लाई और स्थापना करने वाले वेंडर्स (Vendors) को अपने पाले में जोड़ने के लिए आक्रामक अभियान चलाया। नतीजा यह रहा कि सबसे अधिक वेंडर रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में छत्तीसगढ़ पूरे भारत में दूसरे नंबर पर रहा। इस सक्रियता के कारण ही राज्य में सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया बेहद आसान और तेज हो गई है।
टीम वर्क की जीत: ऊर्जा विभाग और क्रेडा को मुख्यमंत्री की शाबाशी
इस बड़ी राष्ट्रीय सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सामूहिक प्रयासों को दिया है। उन्होंने इस मील के पत्थर को छूने के लिए:
-
राज्य के ऊर्जा विभाग (Energy Department)
-
छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA – क्रेडा)
-
बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम)
-
संबंधित सभी अधिकारियों, मैदानी कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं को बधाई व शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टीम वर्क, दृढ़ संकल्प और बेहतरीन प्रशासनिक समन्वय के चलते ही आज छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय पटल पर अपनी एक विशिष्ट और मजबूत पहचान स्थापित करने में सफल रहा है। सौर ऊर्जा का यह अभियान अब राज्य के हर घर को रोशन करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी भूमिका निभाएगा।



