
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप के द्वितीय बैच के 36 प्रतिभागियों से आत्मीय संवाद किया। मुख्यमंत्री ने युवा फेलो के सवालों के उत्तर दिए और अपने छात्र जीवन, प्रारंभिक संघर्षों से लेकर जनसेवा और सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है और विकसित छत्तीसगढ़ तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी सबसे निर्णायक साबित होगी।
संघर्ष से सफलता का मंत्र: जो दायित्व मिले, निष्ठा से निभाएं मुख्यमंत्री ने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए बताया कि कम उम्र में पिता के आकस्मिक निधन के बाद पूरे परिवार और खेती-किसानी की जिम्मेदारी उन पर आ गई थी। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों और परिश्रम ने उन्हें संवेदनशीलता सिखाई। उन्होंने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव के धैर्य व सहज व्यवहार को अपना आदर्श बताया और युवा फेलो से कहा कि लक्ष्य स्पष्ट रखकर जनकल्याण की भावना से काम करें।
2 वर्षीय सुशासन फेलोशिप का प्रारूप
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चयनित प्रतिभागी: द्वितीय बैच में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विज्ञान, वाणिज्य और अर्थशास्त्र पृष्ठभूमि के 36 युवाओं का चयन हुआ है।
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प्रशिक्षण एवं मैदानी कार्य: पहले 3 महीने आईआईएम (IIM) रायपुर में प्रशिक्षण होगा। कुल 5 माह के अध्ययन और 19 माह के मैदानी अनुभव के तहत फेलो जिलों में रहकर प्रशासनिक तंत्र और योजनाओं के क्रियान्वयन को समझेंगे।
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विजन 2047: सचिव राहुल भगत ने प्रतिभागियों को राज्य के विजन डॉक्यूमेंट ‘अंजोर छत्तीसगढ़ 2047’ के तहत जमीनी सुझाव देने के लिए प्रेरित किया।
कौशल, आधुनिक तकनीक और निवेश से रोजगार सृजन
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन: युवाओं को भविष्य की तकनीक में दक्ष करने के लिए बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत 6 लाख विद्यार्थियों को एआई शिक्षा दी जाएगी।
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रोजगार व औद्योगिक नीति: नई औद्योगिक नीति में स्थानीय युवाओं, महिला व एसटी-एससी वर्ग के उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पिछले ढाई वर्षों में रोजगार मेलों से 24 हजार युवाओं को रोजगार मिला है।
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नवा रायपुर मेडिसिटी: 100 एकड़ में प्रस्तावित 5 हजार बिस्तरों वाली मेडिसिटी और सिंगापुर निवेश वार्ता से प्रदेश में सेमीकंडक्टर तथा टेक्सटाइल सेक्टर में रोजगार के नए अवसर बनेंगे।





