राजनीतिराष्ट्रीय

औद्योगिक नीति से निवेश को रफ्तार, 8.23 लाख करोड़ के प्रस्ताव, स्टार्टअप को बढ़ावा

अंबिकापुर में आयोजित अग्र महाकुंभ में नई योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत, सभी जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र और नवाचार लैब स्थापित करने की बनी व्यापक रणनीति।

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक नीति 2024-30 के प्रभाव से पूंजी निवेश और रोजगार के नए अवसरों को जबरदस्त गति मिल रही है। राज्य में अब तक 8.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने के बाद प्रदेश भर में औद्योगिक गतिविधियों का तेज विस्तार होगा और युवाओं को बड़े पैमाने पर स्थानीय स्तर पर काम के अवसर मिलेंगे। अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय अग्र महाकुंभ के उद्घाटन सत्र में राज्य की आर्थिक नीतियों और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया।

शासन द्वारा युवा वर्ग में उद्यमशीलता की भावना को मजबूती देने के लिए मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस महत्वाकांक्षी मिशन के तहत आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान निर्धारित किया गया है। इसके जरिए प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को अपने गृह क्षेत्र में ही मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो सकें। इसके अतिरिक्त 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार किए जाएंगे, जिससे नवाचार, उन्नत तकनीकी कौशल और आधुनिक स्टार्टअप पारिस्थितिकी को सीधा लाभ पहुंचेगा।

राज्य में स्थानीय उत्पादों, कृषि आधारित प्रसंस्करण और लघु उद्योगों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 भी लागू की गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर निर्मित मूल्य संवर्धित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार को नई ऊंचाई हासिल हो सके। पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं को रेखांकित करते हुए इसे भी उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिससे होटल, होम-स्टे और सेवा क्षेत्र में नए उद्यम स्थापित हो रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक भव्य ट्रेड फेयर का शुभारंभ किया गया। साथ ही समाज और संस्कृति पर आधारित पत्रिका ‘अग्रकुल दर्शन’ का विमोचन भी संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज निर्माण, जनकल्याण और चिकित्सा-शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न हस्तियों को सम्मानित किया गया।

राज्य में व्यापारिक वातावरण को सुगम, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ महिला उद्यमियों को विशेष प्रोत्साहन देने की नीति बनाई गई है। समाज की नई पीढ़ी को नौकरी तलाशने तक सीमित न रहकर खुद का उद्यम स्थापित करने और दूसरों के लिए रोजगार निर्माता बनने का आह्वान किया गया है। स्वास्थ्य और योग जैसे विषयों को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा भी साझा की गई। इस आयोजन में अनेक जनप्रतिनिधि, उद्यमी और समाजसेवी उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button