छत्तीसगढ़

पेपर लीक का मास्टरमाइंड प्रोफेसर निकला, छह आरोपी गिरफ्तार

लिफाफे में छेद कर मोबाइल से पेपर रिकॉर्ड किया और छात्रों को 11 हजार रुपए में बेचा। मामले में छह आरोपी गिरफ्तार हुए, दो अब भी फरार

रायपुर। परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र बाजार में पहुंच गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा में हुई इस सेंधमारी ने पूरी परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। अब पुलिस ने 36 घंटे की जांच में पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का दावा किया है।20 अगस्त को सुबह करीब 8:41 बजे प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना सामने आई। परीक्षा सुबह 10 बजे से शुरू होनी थी। विश्वविद्यालय ने तत्काल परीक्षा रद्द कर दी और तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज कराया।

इसके बाद पुलिस ने वायरल फोटो, वीडियो, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की तकनीकी जांच शुरू की। प्रश्नपत्र सबसे पहले कहां से निकला और किन लोगों तक पहुंचा, इसकी डिजिटल टाइमलाइन खंगाली गई।

प्रोफेसर ने लिफाफे में किया खेल

जांच की सबसे अहम कड़ी दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, वह पिछले करीब एक साल से परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाओं को लाने-ले जाने की प्रक्रिया में शामिल था।

17 अगस्त को रायपुर के कृषि महाविद्यालय में उत्तरपुस्तिकाएं जमा करने के बाद उसे आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र मिले। पुलिस का आरोप है कि उसने कीटशास्त्र का प्रश्नपत्र अपने साथ घर ले जाकर लिफाफे में सुई और नुकीले उपकरण से छोटा छेद किया।

इसके बाद मोबाइल कैमरे से अंदर रखे प्रश्नपत्र की रिकॉर्डिंग की गई। पुलिस के मुताबिक, प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर उसे कॉलेज के छात्रों को 11 हजार रुपए में बेच दिया गया।

छह छात्रों तक पहुंचा पेपर

जांच में सामने आया कि प्रोफेसर से पेपर खरीदने के बाद अजय नायक ने इसे त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू तक पहुंचाया। पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपियों में प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के पांच छात्र शामिल हैं।

11 हजार कैश और उपकरण जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 हजार रुपए नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किया है। पुलिस अब इन डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को जांच का अहम आधार मान रही है।

दो आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से बाहर

पुलिस के मुताबिक मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पेपर लीक नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

मामले में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2008 की संबंधित धाराओं और बीएनएस की धारा 316 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

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