
रायपुर। लंबे समय से अटकी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की भर्ती आखिरकार मंजिल तक पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट में मामला खत्म होने के बाद विभाग ने तेजी दिखाते हुए 111 उप अभियंताओं की नियुक्ति और पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए हैं। उप अभियंता भर्ती की लिखित परीक्षा अप्रैल 2025 में व्यापमं ने कराई थी। इसके बाद जुलाई 2025 में मेरिट के आधार पर दस्तावेज सत्यापन और पदस्थापना विकल्प की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई थी। लेकिन न्यायालयीन मामला सामने आने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया रोकनी पड़ीचयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। अब सुप्रीम कोर्ट का रास्ता साफ होते ही विभाग ने फाइल को आगे बढ़ाया है।
20 अगस्त के बाद तेजी
सुप्रीम कोर्ट ने 20 अगस्त 2026 को संबंधित याचिका का निराकरण किया। इसके महज दो दिन बाद, 22 अगस्त को विभाग ने प्रथम चरण की अनुशंसित सूची के आधार पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए। कुल 111 अभ्यर्थियों को पदस्थापना मिली है। इनमें 101 सिविल और 10 विद्युत/यांत्रिक उप अभियंता शामिल हैं।
15 दिन की डेडलाइन
नियुक्ति आदेश मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों के पास ज्वाइनिंग के लिए 15 दिन का समय है। विभाग ने साफ कर दिया है कि तय समय में पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया तो नियुक्ति स्वत: निरस्त मानी जाएगी। यानी चयनित युवाओं के लिए अब इंतजार खत्म और नौकरी शुरू करने की उलटी गिनती शुरू हो गई है।
दस्तावेजों में कोई ढिलाई नहीं
ज्वाइनिंग के समय अभ्यर्थियों को मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी योग्यता, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और सक्षम मेडिकल बोर्ड का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र शामिल है। इसके अलावा जन्मतिथि के सत्यापन के लिए कक्षा 10वीं की मूल अंकसूची या जन्म प्रमाण पत्र भी देना होगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी।
जल जीवन मिशन को मिलेगा तकनीकी सपोर्ट
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इंजीनियरों की नियुक्ति को विभाग के लिए अहम बताया है। नई तकनीकी टीम से विभागीय योजनाओं की निगरानी और मैदानी काम में तेजी आने की उम्मीद है। खास तौर पर ग्रामीण पेयजल योजनाओं और जल जीवन मिशन के कार्यों में इन इंजीनियरों की भूमिका अहम होगी। तकनीकी अमला बढ़ने से निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग और गुणवत्ता जांच भी मजबूत होने की उम्मीद है।
128 पदों की थी भर्ती
मूल भर्ती प्रक्रिया में उप अभियंता सिविल के 118 और विद्युत/यांत्रिक के 10 पद थे। परीक्षा, मेरिट और काउंसलिंग के बाद नियुक्ति की प्रक्रिया न्यायालय में अटक गई थी। अब पहले चरण में 111 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल गई है। लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह आदेश राहत लेकर आया है। विभाग के सामने अब अगली चुनौती है—इन इंजीनियरों को जल्द मैदानी व्यवस्था में उतारना।





