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IGKV पेपर कांड: CM साय का सख्त एक्शन, वायरल पेपर की पूरी कड़ी खुलेगी

पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनी, FIR दर्ज और साइबर जांच शुरू; पेपर कहां से निकला, किसने फैलाया, अब हर कड़ी खंगाली जाएगी

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सरकार सख्त मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मामले को गंभीर मानते हुए साफ कर दिया है कि परीक्षाओं की गोपनीयता और विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ किसी कीमत पर स्वीकार नहीं होगा।

बीएससी एग्रीकल्चर द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा 20 अगस्त को होनी थी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर प्रसारित होने की शिकायत सामने आई। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा निरस्त कर दी। परीक्षा अब सितंबर के पहले सप्ताह में दोबारा कराई जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विश्वविद्यालय ने पांच सदस्यीय जांच समिति बना दी है। कमेटी यह पता लगाएगी कि प्रश्नपत्र आखिर कहां से बाहर निकला और सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा। वायरल पेपर और परीक्षा में इस्तेमाल होने वाले मूल प्रश्नपत्र का मिलान भी किया जाएगा।

मामले में तेलीबांधा थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। डिजिटल साक्ष्यों को खंगालने के लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। जांच में सोशल मीडिया पर पेपर सबसे पहले किसने डाला और उसके बाद यह कितने लोगों तक पहुंचा, इसका पता लगाया जाएगा। यह परीक्षा प्रदेश के 27 कृषि महाविद्यालयों के करीब 1,200 विद्यार्थियों के लिए आयोजित होनी थी। पेपर वायरल होने से पूरी परीक्षा प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई। प्रशासन के सामने अब निष्पक्षता के साथ दोबारा परीक्षा कराने की चुनौती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षा हो या शैक्षणिक परीक्षा, उसकी विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया जा सकता। विद्यार्थियों की मेहनत और उनके भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी गतिविधि पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। सरकार की नजर अब सिर्फ वायरल पेपर तक सीमित नहीं है। जांच में प्रश्नपत्र की पूरी कड़ी खंगाली जाएगी। उसे तैयार करने से लेकर सुरक्षित रखने, परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और सोशल मीडिया पर वायरल होने तक की प्रक्रिया जांच के दायरे में रहेगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। पेपर तैयार होने से लेकर परीक्षा शुरू होने तक हर चरण में गोपनीयता और सुरक्षा के इंतजाम मजबूत किए जाएंगे। साय ने दो टूक कहा कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के प्रति सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार का संदेश साफ है—विद्यार्थियों की मेहनत से खिलवाड़ किया तो कार्रवाई तय है।

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