सीएम साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का दम, जैविक उत्पादों ने देश जीता
बायोफैच इंडिया-2026 में विष्णुभोग चावल और प्राकृतिक शहद पर खरीदार फिदा

छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पाद अब सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश और दुनिया के बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और महिला स्वसहायता समूहों को मिली ताकत का असर अब राष्ट्रीय मंचों पर साफ दिखाई दे रहा है।
नई दिल्ली में आयोजित बायोफैच इंडिया-2026 में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के अरपा बिहान विष्णुभोग राइस और केवची के जंगलों से संग्रहित प्राकृतिक शहद ने खरीदारों, निर्यातकों और जैविक उत्पाद विशेषज्ञों का ध्यान खींच लिया। इन उत्पादों को राष्ट्रीय स्टॉल पर खास जगह मिली और देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों ने उनकी गुणवत्ता की सराहना की।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन-बिहान से जुड़ी महिला स्वसहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों की मेहनत अब बड़े बाजारों तक पहुंच रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं को नए व्यापारिक अवसर मिलेंगे, आय बढ़ेगी और स्थानीय उत्पादों को स्थायी बाजार मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर लगातार काम कर रही है। यही वजह है कि अब स्वसहायता समूह सिर्फ उत्पादन नहीं कर रहे, बल्कि राष्ट्रीय व्यापार मेलों में अपने उत्पादों का सफल प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर रहे हैं।
जिले में विष्णुभोग धान और प्राकृतिक शहद के साथ सूरन, कटहल और अन्य जैविक सब्जियों के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। बेहतर गुणवत्ता और प्राकृतिक उत्पादन पद्धति के कारण इन उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
सरकार का लक्ष्य राज्य के हर जिले के कृषि और वन आधारित उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना है, ताकि किसानों, महिला समूहों और ग्रामीण उद्यमियों की आय में लगातार बढ़ोतरी हो और छत्तीसगढ़ के जैविक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल सके।



