टॉस्क फोर्स के सदस्यों की घोषणा, NTA की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की तैयारी’
पेपर लीक और तकनीकी खामियों के बाद सरकार ने बनाई हाई-लेवल टास्क फोर्स

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय बहु-विषयक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक और तकनीकी सुधारों पर सुझाव देगी।
लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ: अमृत लाल मीणा
टास्क फोर्स में देश के प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसमें तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज **नंदन नीलेकणि**, पूर्व इसरो अध्यक्ष **एस. सोमनाथ**, पूर्व आईबी निदेशक **तपन डेका**, आईआईटी मद्रास के निदेशक **वी. कामकोटि**, पूर्व शिक्षा सचिव **अनिता करवाल** और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ **अमृत लाल मीणा** सदस्य बनाए गए हैं।
समिति का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डेटा सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस सिफारिशें देना है। साथ ही परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, UGC-NET समेत कई राष्ट्रीय परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की यह टास्क फोर्स गठित की है, जिससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाया जा सके।
टास्क फोर्स के प्रमुख सदस्य:
तकनीकी विशेषज्ञ: नंदन नीलेकणि
पूर्व इसरो अध्यक्ष: एस. सोमनाथ
पूर्व आईबी निदेशक: तपन डेका
आईआईटी मद्रास के निदेशक: वी. कामकोटि
पूर्व शिक्षा सचिव: अनिता करवाल
पेपर लीक और तकनीकी खामियों के बाद सरकार ने बनाई हाई-लेवल टास्क फोर्स
नई दिल्ली। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय बहु-विषयक टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह समिति परीक्षा प्रणाली में संरचनात्मक और तकनीकी सुधारों पर सुझाव देगी।
टास्क फोर्स में देश के प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसमें तकनीकी क्षेत्र के दिग्गज नंदन नीलेकणि, पूर्व इसरो अध्यक्ष एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा सदस्य बनाए गए हैं।
समिति का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना, परीक्षा केंद्रों की निगरानी, डेटा सुरक्षा और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए ठोस सिफारिशें देना है। साथ ही परीक्षा संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी फोकस रहेगा।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में NEET, UGC-NET समेत कई राष्ट्रीय परीक्षाओं को लेकर पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए केंद्र सरकार ने विशेषज्ञों की यह टास्क फोर्स गठित की है, जिससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित बनाया जा सके।




