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1267 मराठा किसानों ने की आत्महत्या, 6 महीनों का आंकड़ा, सरकार ने भी स्वीकारा, विदर्भ में ही 557 अन्नदाताओं ने दी जान

मौसम को जिम्मेदार ठहरा रही सरकार

कृषि प्रधान देश कहा जाने वाला भारत फिलहाल किसानों की कई समस्याओं से घिरा हुआ है। उनका दर्द समझ पाना शायद ही किसी के बस की बात हो, लेकिन, ऐसा लगता है ये डबल इंजन के महाराष्ट्र सरकार के बस की बात नहीं है  जिसकी वजह से किसानों के आत्महत्या के भी केस बढ़ते जा रहे हैं। बात करें सिर्फ महाराष्ट्र की तो यहां इस साल के शुरुआती छह महीने में 1,267 किसानों ने आत्महत्या कर ली है।

आज के हालतों पर सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। कुदरत भी किसानों के साथ खिलवाड़ करता दिखाई दे रहा है। इस समय देश में कहीं बारिश हद से ज्यादा हो रही है, तो कही किसान उसकी राह ताक रहे हैं। जिसके बाद अब सवाल यह बन गया है कि किसानों की हालत के लिए जिम्मेदार किसे ठहराया जाए, सरकार को, मौसम को या खुद किसान ही अपनी हालत का जिम्मेदार है।

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