छत्तीसगढ़: जल जीवन मिशन में तीन वर्षों में ₹6,836 करोड़ का भुगतान
एकल ग्राम व समूह योजनाओं के लिए जारी हुआ फंड, चालू वित्तीय वर्ष में ₹612 करोड़ के बजट से भुगतान प्रक्रिया सतत जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित ‘जल जीवन मिशन’ के अंतर्गत वित्तीय प्रबंधन और कार्य निष्पादन में लगातार गति बनी हुई है। राज्य में मिशन के तहत विभिन्न योजनाओं और अधोसंरचना कार्यों के लिए विगत तीन वर्षों के दौरान कुल 6,836.51 करोड़ रुपये का भुगतान सफलतापूर्वक किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एकल ग्राम एवं समूह जलप्रदाय योजनाओं सहित सभी संबंधित मदों में नियमानुसार भुगतान की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के निरंतर संचालित हो रही है।
जल जीवन मिशन के राज्य कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी जलापूर्ति व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत एकल ग्राम योजनाओं के लिए सर्वाधिक 4,985.35 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है, जबकि बड़े पैमाने पर जलापूर्ति सुनिश्चित करने वाली समूह जलप्रदाय योजनाओं के अंतर्गत 1,690.94 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अतिरिक्त तकनीकी व प्रशासनिक सहयोग (सपोर्ट मद) के लिए 136.18 करोड़ रुपये और जल गुणवत्ता परीक्षण संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों के लिए 24.04 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई है।
चालू वित्तीय वर्ष में भुगतान की प्रक्रिया सक्रिय
विभागीय अधिकारियों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में भी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी जा रही है। एकल ग्राम योजनाओं के भुगतान के लिए चालू सत्र में 612 करोड़ रुपये का बजट आबंटन प्राप्त हुआ है। इस वित्तीय प्रावधान के विरुद्ध अब तक 162.46 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया जा चुका है, जबकि शेष बची राशि को निर्धारित शासकीय प्रक्रियाओं और मापदंडों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से जारी करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।
मिशन के अधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में नल-जल योजनाओं के संचालन और कार्यों की प्रगति के आधार पर वित्तीय आबंटन का वितरण किया जा रहा है। विभाग का मुख्य लक्ष्य उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग करते हुए ग्रामीण परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करना है।





