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छत्तीसगढ़ में कर्मचारियों-पेंशनरों का DA 2% बढ़ा, 5.35 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

1 नवंबर से महंगाई भत्ता और राहत 58 से बढ़कर 60 प्रतिशत होगी, दीपावली से पहले सरकार के फैसले से कर्मचारियों की आय में होगा इजाफा

रायपुर, 29 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दीपावली से पहले यह फैसला लिया है। नई दर 1 नवंबर 2026 से लागू होगी। इसके बाद कर्मचारियों का महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगी।

राज्य सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 3.85 लाख शासकीय कर्मचारियों और 1.50 लाख पेंशनरों को फायदा मिलेगा। यानी कुल लगभग 5.35 लाख लोगों को बढ़ी हुई दर का लाभ मिलेगा। हालांकि, हर कर्मचारी और पेंशनर को मिलने वाली अतिरिक्त राशि अलग-अलग होगी। इसका हिसाब उनके मूल वेतन या मूल पेंशन के आधार पर तय होगा।

सरकार पर हर महीने 36 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा। सालभर में यह राशि करीब 432 करोड़ रुपए होगी। महंगाई भत्ते और राहत में यह बढ़ोतरी ऐसे समय की गई है, जब दीपावली का त्योहार नजदीक है। कर्मचारियों और पेंशनरों को नवंबर से बढ़ी हुई दर के हिसाब से भुगतान मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार शासकीय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उनके मुताबिक, दीपावली से पहले लिया गया यह निर्णय आर्थिक राहत देने के साथ परिवारों में त्योहार की खुशियां और उल्लास बढ़ाएगा।

महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा होता है, जबकि महंगाई राहत पेंशनरों को दी जाती है। इनका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कुछ हद तक कम करना है। दर में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने से कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलने वाली राशि में इजाफा होगा। हालांकि, वास्तविक लाभ मूल वेतन और मूल पेंशन पर निर्भर करेगा।

कर्मचारी फेडरेशन ने बताया जीत

छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी फेडरेशन के अध्यक्ष कमल वर्मा ने सरकार के इस फैसले को कर्मचारियों की जीत बताया है। कर्मचारियों के संगठन की प्रतिक्रिया से साफ है कि महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को कर्मचारी हित से जुड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है।

अब कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर इस बात पर रहेगी कि नवंबर से बढ़ी हुई दर के मुताबिक भुगतान किस तरह किया जाता है। सरकार के निर्णय से लाखों परिवारों की मासिक आय में कुछ बढ़ोतरी होगी, जबकि राज्य के खजाने पर हर साल 432 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।

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