
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम जनता तक अपनी योजनाएं पहुंचाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने में जुटी हुई है। सरकार का मुख्य मकसद है कि किसी भी नागरिक को अपने काम या योजनाओं के लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और हर समस्या का समाधान तय समय पर हो सके।
लोगों की समस्याओं को सुनने के लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के जरिए मौके पर ही आवेदनों की जांच कर पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सरकार का जोर इस बात पर है कि शासन और आम नागरिक के बीच कोई दूरी न रहे। तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को आसान बनाया गया है। ‘सेवा सेतु’ पोर्टल और डिजिटल केंद्रों की मदद से ग्रामीण और दूरदराज के लोग भी जरूरी सेवाओं के लिए आसानी से आवेदन कर पा रहे हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है और काम में तेजी आई है।
राज्य में महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को नियमित आर्थिक मदद दी जा रही है, जिससे उनके घरेलू खर्चे और बच्चों की पढ़ाई आसान हुई है। वहीं, प्रधानमंत्री आवास योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान दिए जा रहे हैं। किसानों, युवाओं और जनजातीय समुदाय के लिए चलाई जा रही योजनाएं सीधे तौर पर उनके जीवन स्तर में सुधार ला रही हैं। आम जनता की शिकायतें सुनने और उनका हल निकालने के लिए सीएम हेल्पलाइन (1076) और शहरों में साफ-सफाई व पानी जैसी समस्याओं के लिए ‘निदान-1100’ की सुविधा दी गई है। लोग अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ ही यह भी जान सकते हैं कि उस पर क्या कार्रवाई हुई है।
बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। सरकार का मानना है कि राज्य का विकास तभी पूरा होगा जब दूरदराज के गांवों में रहने वाले व्यक्ति को भी शहरों जैसी सुविधाएं और सम्मान मिले। जनता के इसी विश्वास और सहभागिता के साथ छत्तीसगढ़ तेजी से तरक्की की दिशा में आगे बढ़ रहा है।





