
बिलासपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर सड़क हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य में घोर लापरवाही बरतने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाया है। कटघोरा-अंबिकापुर खंड के संचालन एवं रखरखाव का जिम्मा संभाल रही एजेंसी मेसर्स रविंद्र सिंह आनंद पर निर्धारित परिचालन मानकों का उल्लंघन करने के चलते ₹10 लाख का भारी जुर्माना लगाया गया है।
दुर्घटना के बाद बाधित रहा यातायात
जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2026 को तड़के करीब 3 बजे चोटिया टोल प्लाजा के पास दो ट्रक-ट्रेलरों के बीच भीषण भिड़ंत हो गई थी। इस दुर्घटना के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन बुरी तरह बाधित रहा। नियमानुसार एजेंसी को त्वरित राहत कार्य शुरू कर क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाना था, लेकिन मौके पर समय पर जरूरी कदम नहीं उठाए गए।
न क्रेन ऑपरेटर मिला, न उपकरणों में डीजल
जांच और स्थलीय निरीक्षण के दौरान रखरखाव एजेंसी की गंभीर खामियां उजागर हुईं। हादसे के समय एजेंसी का प्रोजेक्ट मैनेजर मौके से नदारद था। इतना ही नहीं, दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलरों को हटाने के लिए जरूरी क्रेन का ऑपरेटर ही मौजूद नहीं था। हद तो तब हो गई जब रिकवरी उपकरणों की जांच की गई, तो उनमें पर्याप्त ईंधन तक नहीं पाया गया।
हेल्पलाइन 1033 की कॉल भी की अनसुनी
राजमार्ग पर आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए बनाए गए राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर बार-बार सूचनाएं दर्ज कराई गईं, इसके बावजूद एजेंसी की ओर से समय पर कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। NHAI ने इसे दुर्घटना प्रबंधन, हाईवे पेट्रोलिंग और आपातकालीन सहायता के दायित्वों में अक्षम्य लापरवाही माना। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु यातायात के मानकों से खिलवाड़ करने वाली किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा।





