सीएम विष्णु देव साय का निर्देश, भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बने अधोसंरचना
सड़कों के लिए बनेगा मास्टर प्लान, गुणवत्ता और रखरखाव पर जोर; ‘अंजोर विजन 2047’ के तहत होगा चौमुखी विकास।

छत्तीसगढ़ में अब सड़कें, पुल और सरकारी इमारतें केवल आज की जरूरत देखकर नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की आबादी और व्यापार को ध्यान में रखकर बनाई जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय में ‘मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन’ की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
सीएम साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ‘अंजोर विजन 2047’ के विजन पर काम कर रही है। राज्य का पैसा ऐसी जगहों पर लगना चाहिए जिससे सीधे आम जनता को फायदा पहुंचे और रोजगार के नए रास्ते खुलें।
बैठक के प्रमुख बड़े फैसले:
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सड़क नेटवर्क का बनेगा मास्टर प्लान: पूरे प्रदेश में सर्वे होगा कि किन सड़कों को 2-लेन और किन्हें 4-लेन बनाने की जरूरत है। भविष्य में गाड़ियों के दबाव को देखते हुए नया रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
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समय-सीमा तय, लेट-लतीफी पर रोक: टेंडर से लेकर काम पूरा होने तक हर स्तर पर डेडलाइन तय होगी। देरी होने से बजट बढ़ता है और लोगों को परेशानी होती है, इसलिए तय समय में काम पूरा करना अनिवार्य होगा।
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रखरखाव पर भी बराबर ध्यान: सिर्फ नई सड़कें या इमारतें बनाना ही काफी नहीं, बल्कि उनके नियमित मेंटेनेंस की भी ठोस व्यवस्था की जाएगी ताकि सरकारी संपत्ति सालों-साल सुरक्षित रहे।
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स्कूल-कॉलेजों के डिजाइन में दूरदर्शिता: नए स्कूल, कॉलेज और सरकारी भवनों का नक्शा ऐसा बने, जिसे भविष्य में छात्र या लोग बढ़ने पर आसानी से बड़ा (विस्तार) किया जा सके।
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डिजिटल सिस्टम से होगी निगरानी: सभी विभागों के प्रोजेक्ट्स की मॉनिटरिंग के लिए एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म बनेगा, ताकि काम की रफ्तार और खर्च पर सीधी नजर रखी जा सके।
सीएम विष्णु देव साय ने दो टूक कहा कि विकास का पैमाना सिर्फ यह नहीं है कि कितने किलोमीटर सड़क बनी, बल्कि यह है कि उससे आम आदमी की जिंदगी कितनी आसान और बेहतर हुई।




