
छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को बड़ा तोहफा देते हुए 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए निःशुल्क बस यात्रा सेवा का विधिवत विस्तार कर दिया है। जीवन के इस पड़ाव में बुजुर्गों को सामाजिक और आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से शुरू की गई इस कल्याणकारी योजना के तहत अब तक राज्य भर में 8,000 से अधिक बुजुर्गों को विशेष बस पास जारी किए जा चुके हैं। इस पहल से दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को अस्पताल, धार्मिक स्थलों और परिजनों से मिलने-जुलने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
परिवहन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस योजना का सर्वाधिक लाभ राजधानी रायपुर में देखने को मिला है, जहां अकेले लगभग 2,000 बुजुर्गों के बस पास तैयार कर वितरित किए जा चुके हैं। रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और बस्तर संभाग के जिलों में भी पात्र वरिष्ठ नागरिकों के पास तेजी से बनाए जा रहे हैं। योजना की पात्रता पूरी करने वाले बुजुर्ग बस में यात्रा के दौरान यह पास दिखाकर राज्य के भीतर किसी भी मार्ग पर चलने वाली चिन्हित यात्री बसों में पूरी तरह मुफ्त सफर कर सकेंगे। कंडक्टर द्वारा पास की जांच के बाद उन्हें शून्य मूल्य का टिकट जारी किया जाएगा।
योजना को लेकर वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों में खासा उत्साह है। कई बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन या नियमित आय के अभाव में लंबी दूरी का किराया चुकाना उनके लिए कठिन होता था। कई बार आर्थिक तंगी के कारण वे समय पर स्वास्थ्य जांच या तीर्थ यात्रा के लिए नहीं जा पाते थे। अब मुफ्त बस सेवा मिलने से उन्हें किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उनका आत्मसम्मान भी बढ़ेगा।
परिवहन अधिकारियों ने बताया कि पास बनाने की प्रक्रिया को बेहद सरल रखा गया है ताकि किसी भी बुजुर्ग को कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। आधार कार्ड या आयु प्रमाण पत्र जमा कर नजदीकी परिवहन केंद्र अथवा सुविधा शिविरों से यह पास प्राप्त किया जा सकता है। शेष बचे पात्र वरिष्ठ नागरिकों को भी जल्द से जल्द इस सुविधा से जोड़ने के लिए जिला स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है।





