सुकमा में IED ब्लास्ट, 4 जवान घायल, भद्राचलम रेफर, सीएम ने जताई चिंता
एलाड़मड़गु कैंप के पास सर्चिंग के दौरान हुआ बड़ा हादसा; प्राथमिक इलाज के बाद जवानों को भद्राचलम रेफर किया गया

सुकमा: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग से एक बड़ी खबर सामने आई है। सुकमा जिले के घोर संवेदनशील कोंटा इलाके में एरिया डोमिनेशन और सर्चिंग के दौरान हुए एक शक्तिशाली आईईडी (IED) ब्लास्ट में सीआरपीएफ की 50वीं वाहिनी के चार जवान घायल हो गए हैं। हादसा एलाड़मड़गु कैंप के पास उस वक्त हुआ जब सुरक्षा बलों की टीम जमीन के नीचे दबे विस्फोटकों की पड़ताल कर रही थी।
सर्चिंग के दौरान जवानों को जमीन में दबा एक आईईडी मिला था। जवान अत्यंत सावधानी के साथ बम को डिफ्यूज करने की तैयारी कर ही रहे थे कि अचानक उसमें जबर्दस्त विस्फोट हो गया। धमाके की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा और मौके पर मौजूद चार जवान छर्रों व धमाके की चपेट में आकर जख्मी हो गए। घटना के तुरंत बाद साथ चल रहे अन्य जवानों ने तुरंत सुरक्षा घेरा बनाया और घायल साथियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घायल जवानों को तत्काल कोंटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालांकि, घावों की गंभीरता और बेहतर मेडिकल केयर को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद सभी चार जवानों को बेहतर इलाज के लिए तेलंगाना के भद्राचलम रेफर कर दिया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
सुकमा का कोंटा इलाका हमेशा से सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। जंगलों और पगडंडियों में जमीन के नीचे आईईडी दबाना नक्सलियों की पुरानी साजिश का हिस्सा है, ताकि सुरक्षा बलों के गश्ती दलों को भारी नुकसान पहुंचाया जा सके। विस्फोटकों को खोजना और उन्हें निष्क्रिय करना हर कदम पर जान जोखिम में डालने जैसा होता है, और यह हादसा इसी खतरे की भयावहता को दिखाता है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने अधिकारियों को जवानों के इलाज के लिए हरसंभव और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए हैं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है और आसपास के रास्तों की दोबारा सघन जांच की जा रही है।




