घर बैठे ऑनलाइन कराएं जमीन का सीमांकन, तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने से मिली राहत
लोक सेवा केंद्र अथवा मोबाइल से सीधे जमा होंगे आवेदन, फाइल की वर्तमान प्रगति दिखेगी लाइव और बिना आपत्ति के दफ्तर में उपस्थिति भी नहीं होगी अनिवार्य।

नागरिक सुविधाओं को पारदर्शी, सुगम और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में राजस्व एवं भू-अभिलेख विभाग ने एक बड़ा तकनीकी कदम उठाया है। जमीन सीमांकन के प्रकरणों के त्वरित निपटारे के लिए एक आधुनिक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया है। इस नई डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से प्रदेश के आम नागरिकों और किसानों को अपनी ही जमीन की नाप-जोख कराने के लिए तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने की विवशता से मुक्ति मिल जाएगी।
अब कोई भी नागरिक घर बैठे अथवा नजदीकी लोक सेवा केंद्र (सीएससी) और सेवा सेतु के माध्यम से सीमांकन के लिए डिजिटल आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। पुरानी व्यवस्था में कागजी आवेदन जमा करने के बाद फाइल किस पटल पर लंबित है या काम में देरी की क्या वजह है, यह जानने के लिए लोगों को हफ्तों दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे। नई व्यवस्था से यह पूरी जटिल प्रक्रिया बेहद सरल हो गई है।
नागरिक द्वारा पोर्टल पर आवेदन करते ही प्रकरण सीधे संबंधित क्षेत्र के न्यायालयीन लॉगिन में दर्ज हो जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मौका मुआयना और नाप-जोख की कार्रवाई पूरी कर मौके की जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन पोर्टल पर ही दर्ज की जाएगी। आवेदक अपने मोबाइल पर फाइल की हर प्रगति, प्रकरण की अद्यतन स्थिति और आगामी तारीखों की जानकारी आसानी से ट्रैक कर सकेंगे।
इस व्यवस्था की सबसे अहम बात यह है कि यदि सीमांकन की पूरी प्रक्रिया के दौरान पड़ोसियों अथवा किसी पक्ष की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आती है, तो आवेदक को कार्यालय में सशरीर उपस्थित होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल विवाद या आपत्ति की स्थिति में ही दोनों पक्षों को बुलाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया समय-सीमा में पूरी होगी, जिससे व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।





