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आंगन मिलन सेवा से उत्सव स्थल बने आंगनबाड़ी केंद्र, सुपोषित थाली पर हुआ सीधा संवाद

राज्य के 2,262 स्थानों पर आयोजित 12 हजार से अधिक कार्यक्रमों में 97 हजार से ज्यादा नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी कर पोषण का संदेश दिया।

राज्यभर के आंगनबाड़ी केंद्रों को समुदाय और जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी पहल की शुरुआत हुई है। सेवा संकल्प अभियान के तहत आरंभ की गई ‘आंगन मिलन सेवा’ के पहले ही दिन पूरे प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में उत्सव जैसा माहौल नजर आया। इस व्यापक अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाना तथा स्वास्थ्य को केवल एक सरकारी योजना न मानकर पारिवारिक व सामाजिक सरोकार बनाना है।

अभियान के प्रथम दिन राज्यभर में कुल 2,262 स्थानों पर 12,698 विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में 97,471 नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मुंगेली जिले के मदकू में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शीर्ष नेतृत्व ने स्वयं पहुंचकर माताओं और बच्चों के बेहतर पोषण, नियमित देखभाल और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत संदेश दिया।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। केंद्रों में विशेष रूप से ‘सुपोषित थाली’ का प्रदर्शन किया गया, जिसके माध्यम से स्थानीय स्तर पर सुगमता से मिलने वाली दालों, हरी पत्तेदार सब्जियों, मोटे अनाजों और मौसमी फलों के महत्व को रेखांकित किया गया। विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने माताओं को यह समझाया कि दैनिक आहार में विविधता लाकर कैसे कम खर्च में भी बच्चों और महिलाओं के पोषण को सर्वोत्तम बनाया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के माता-पिता और अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से अपने अनुभव साझा किए। माताओं ने बताया कि गर्भावस्था और धात्री अवस्था के दौरान सही खानपान, स्वच्छता और समय पर टीकाकरण से शिशुओं के विकास में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले हैं। अभिभावकों के साथ सीधे संवाद से यह स्पष्ट हुआ कि बच्चों के विकास की जिम्मेदारी केवल माताओं तक सीमित न रहकर पूरे परिवार की साझा जिम्मेदारी बननी चाहिए।

इसके साथ ही, महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इन कल्याणकारी योजनाओं से मिलने वाली सीधी आर्थिक सहायता से उन्हें पौष्टिक भोजन और प्राथमिक स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने में बड़ा संबल मिला है। इस जन-जागरूकता पहल के जरिए आंगनबाड़ी केंद्रों को पारंपरिक वितरण केंद्र से ऊपर उठाकर एक सामुदायिक मिलन स्थल के रूप में स्थापित किया जा रहा है, जिससे जमीनी स्तर पर कुपोषण उन्मूलन के प्रयासों को नई ऊर्जा मिलेगी।

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