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धमतरी-बालोद में 5 सिंचाई योजनाओं पर खर्च होंगे 21.50 करोड़, किसानों को लाभ

राजाडेरा जलाशय से तांदुला परियोजना तक अलग-अलग कामों को मंजूरी, नहर और जलद्वार सुधरने से सैकड़ों हेक्टेयर खेतों को मिलेगा पानी

रायपुर। धमतरी और बालोद जिले के किसानों के लिए सिंचाई से जुड़ी पांच योजनाओं को लेकर सरकार ने 21 करोड़ 50 लाख 23 हजार रुपए की मंजूरी दी है। जल संसाधन विभाग ने इन योजनाओं के सुदृढ़ीकरण, नवीनीकरण, विद्युतीकरण, नहरों के सुधार और तटबंध निर्माण जैसे कामों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी है। काम पूरे होने के बाद संबंधित इलाकों के किसानों को सिंचाई सुविधा का फायदा मिलने की उम्मीद है।

धमतरी की दो योजनाएं

धमतरी जिले में राजाडेरा लघु जलाशय के जलद्वार के नवीनीकरण और जीर्णोद्धार के लिए 1 करोड़ 65 लाख 7 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। इस काम से करीब 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

इसी जिले में महानदी पर बने खट्टी एनीकट के संरक्षण और जलद्वारों के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 89 लाख 30 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे लगभग 30 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की बात कही गई है।

बालोद में तीन बड़े काम

बालोद जिले में तीन योजनाओं के लिए राशि मंजूर की गई है। तांदुला, गोंदली और खरखरा जलाशयों में विद्युतीकरण और प्रकाश व्यवस्था के लिए 4 करोड़ 95 लाख 99 हजार रुपए स्वीकृत हुए हैं। इस काम से 285 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को बेहतर करने का लक्ष्य है।

खरखरा नदी के बाएं तट पर शीतला मंदिर के पास घाट और ग्राम मारीदेवरी में तटबंध निर्माण के लिए 4 करोड़ 99 लाख 98 हजार रुपए दिए गए हैं। इससे करीब 183 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को फायदा पहुंचने का अनुमान है।

नहरों की भी बदलेगी तस्वीर

तांदुला परियोजना के तहत सकरैद वितरक नहर से जुड़ी नाहंदा माइनर, डौकीडीह माइनर, सुखरी माइनर और भदेरा माइनर के रिमॉडलिंग, लाइनिंग और पक्के कामों के उन्नयन के लिए 4 करोड़ 99 लाख 89 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इससे 183 हेक्टेयर क्षेत्र के किसानों को सिंचाई का लाभ मिलने की बात कही गई है।

पानी का ढांचा मजबूत करने की कोशिश

इन पांचों योजनाओं में जलाशय के जलद्वार, एनीकट, नहर, तटबंध और दूसरी सिंचाई सुविधाओं से जुड़े काम शामिल हैं। पुराने ढांचे की मरम्मत और जरूरी हिस्सों के उन्नयन से पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद मिल सकती है। खासकर नहरों की लाइनिंग और पक्के काम से सिंचाई व्यवस्था को ज्यादा प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

किसानों के लिए कितना असरदार?

सिंचाई परियोजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद असली फायदा तभी दिखेगा, जब काम समय पर और तय गुणवत्ता के साथ पूरे हों। स्वीकृत योजनाओं से कुल मिलाकर सैकड़ों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा से जोड़ने या मौजूदा व्यवस्था को बेहतर करने का लक्ष्य रखा गया है।

21.50 करोड़ का पूरा पैकेज

धमतरी और बालोद की इन पांच योजनाओं के लिए कुल 21 करोड़ 50 लाख 23 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। सरकार की ओर से इन कार्यों को ग्रामीण जल प्रबंधन और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। अब इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने और किसानों तक इसका वास्तविक लाभ पहुंचने पर नजर रहेगी।

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