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सीएम साय की पहल से न्योता भोजन बना बच्चों संग खुशियां बांटने का जरिया

जन्मदिन से लेकर सेवा के खास पड़ाव तक शिक्षक बच्चों के साथ बांट रहे खुशियां, भोजन के बहाने स्कूलों में बढ़ रही जनभागीदारी

रायपुर, 11 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर प्रदेश में चल रहा ‘न्योता भोजन’ अब सिर्फ बच्चों को अतिरिक्त खाना देने तक सीमित नहीं है। यह स्कूल, शिक्षक, बच्चे और समाज को एक-दूसरे से जोड़ने का जरिया बन रहा है। लोग अपने जीवन के खास मौकों की खुशियां बच्चों के साथ बांट रहे हैं। इससे स्कूलों में जनभागीदारी और अपनापन दोनों बढ़ रहा है।

खास दिन बच्चों के नाम
सूरजपुर जिले के स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाएं अपने जन्मदिन, नौकरी की सालगिरह और सेवा के दूसरे पड़ाव बच्चों के साथ मना रहे हैं। अपने खास दिन पर विद्यार्थियों को न्योता भोजन कराना अब खुशी बांटने का नया तरीका बन रहा है। बच्चों के लिए भी यह रोज की पढ़ाई से अलग उत्साह और खुशी का मौका होता है।

सेवा के तीन साल पूरे हुए तो बच्चों को खिलाया
रामानुजनगर विकासखंड की माध्यमिक शाला पटना की शिक्षिका नलिनी कौशिक ने सरकारी सेवा के तीन साल पूरे होने पर विद्यार्थियों के लिए न्योता भोजन कराया। उन्होंने अपने सेवा काल की इस खुशी को उन्हीं बच्चों के साथ साझा किया, जिनकी पढ़ाई और भविष्य के लिए वे रोज काम कर रही हैं।

शिक्षिका बोलीं, बच्चों के साथ खुशी दोगुनी
शिक्षिका का कहना है कि सेवा के तीन साल पूरे होने की खुशी बच्चों के साथ मनाना उनके लिए खास अनुभव रहा। उनके मुताबिक न्योता भोजन जैसी पहल से शिक्षक अपने विशेष अवसरों को विद्यार्थियों के साथ साझा कर सकते हैं। इससे बच्चों और शिक्षकों के बीच सिर्फ पढ़ाई का नहीं, बल्कि अपनत्व का रिश्ता भी मजबूत होता है।

जन्मदिन पर बच्चों को दिया न्योता
रामानुजनगर की माध्यमिक शाला परमेश्वरपुर की शिक्षिका कमला सिदार ने अपने जन्मदिन पर विद्यार्थियों के साथ न्योता भोजन किया। बच्चों को अतिरिक्त और पौष्टिक भोजन कराया गया। जन्मदिन के मौके पर अचानक मिली इस खुशी से विद्यार्थियों में खास उत्साह देखने को मिला। शिक्षिका ने अपना खास दिन बच्चों के बीच बिताकर उसे यादगार बनाया।

खाने के बहाने रिश्ते मजबूत
न्योता भोजन का असर सिर्फ थाली तक नहीं है। जब शिक्षक अपने निजी जीवन की खुशियां बच्चों के साथ बांटते हैं तो विद्यार्थियों में भी जुड़ाव की भावना बढ़ती है। उन्हें लगता है कि स्कूल में शिक्षक केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि उनकी खुशियों और जरूरतों से जुड़े लोग भी हैं। यही भावना स्कूल के माहौल को ज्यादा आत्मीय बनाती है।

समाज भी जुड़ रहा अभियान से
इस पहल में केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और दूसरे लोग भी जुड़ रहे हैं। अलग-अलग जिलों के स्कूलों में विशेष अवसरों पर बच्चों के लिए भोजन कराया जा रहा है। इससे स्कूल और आसपास के समुदाय के बीच दूरी कम हो रही है और लोग बच्चों की शिक्षा तथा पोषण से सीधे जुड़ रहे हैं।

न्योता भोजन की असली ताकत यही
सरकार की इस पहल का बड़ा मकसद बच्चों को अतिरिक्त और पौष्टिक भोजन देना है, लेकिन इसके साथ सामाजिक भागीदारी भी मजबूत हो रही है। जन्मदिन या सेवा के खास पड़ाव पर बच्चों को भोजन कराने जैसी छोटी पहल अब सामुदायिक सहयोग का रूप ले रही है। सीएम साय की पहल पर चल रहा न्योता भोजन इसी वजह से पोषण के साथ बच्चों और समाज के बीच रिश्ते मजबूत करने का माध्यम बनता दिख रहा है।

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