CM साय बोले, सेवा संकल्प अभियान बनेगा जनभागीदारी का बड़ा मंच
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान में स्वास्थ्य, रोजगार, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां होंगी, लोगों को मौके पर मिलेगा लाभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम बनकर न रह जाए, बल्कि लोगों की भागीदारी से बड़ा जनकल्याण अभियान बने। अभियान में स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, पर्यावरण, रोजगार और सरकारी योजनाओं को सीधे लोगों से जोड़ा जाएगा। सरकार का जोर इस बात पर रहेगा कि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिले और उनकी समस्याओं का समाधान जल्द हो।
गांवों में लगेंगे सेवा सेतु शिविर
अभियान के दौरान चुने गए गांवों में ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। यहां स्वास्थ्य जांच के साथ सरकारी योजनाओं के लिए पात्र लोगों की पहचान की जाएगी। जिन लोगों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, उन्हें मौके पर उससे जोड़ने की कोशिश होगी। शिविर में लोगों की शिकायतें भी ली जाएंगी। जिन समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हो पाएगा, उनकी हर सप्ताह समीक्षा की जाएगी।
शिविर लगने से पहले ही गांव में संभावित लाभार्थियों की पहचान की जाएगी। इससे शिविर में आने वाले लोगों को सिर्फ आवेदन देने के लिए भटकना न पड़े। शिविर की जानकारी पहले से गांवों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया है।
युवाओं के लिए रोजगार मेले
सेवा संकल्प अभियान में रोजगार मेलों को भी जोड़ा जाएगा। इन मेलों के जरिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर देने की तैयारी है। युवाओं से आवेदन लिए जाएंगे और चयन होने पर शिविरों में ही नियुक्ति पत्र देने की व्यवस्था की जाएगी।
आंगनबाड़ी में बच्चों और महिलाओं पर फोकस
अभियान में आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी कई कार्यक्रम होंगे। स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, पौष्टिक थाली, चित्रकला, न्योता भोज और फल-मिठाई वितरण जैसी गतिविधियां होंगी। पोषण चौपाल में माता-पिता की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। महतारी वंदन योजना का लाभ लेकर बेहतर काम करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा।
आंगनबाड़ी में बच्चों के लिए खिलौने जुटाने में आम लोगों की मदद ली जाएगी। स्कूलों में चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। बच्चों के साथ अभिभावक, पंचायत प्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी इन कार्यक्रमों में शामिल होंगे। 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को नुक्कड़ नाटक जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
25 से ज्यादा गतिविधियों में लोग होंगे शामिल
‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत रक्तदान, पौधरोपण, सफाई, प्लास्टिक के खिलाफ अभियान समेत 25 से ज्यादा गतिविधियां होंगी। नदी घाटों की सफाई, रोशनी और आसपास के क्षेत्र को बेहतर बनाने पर भी काम होगा। अभियान खत्म होने के बाद भी सफाई बनी रहे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर समितियां बनाई जाएंगी।
एक पेड़ मां के नाम से जुड़ेगा अभियान
वृक्षारोपण को ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जोड़ा जाएगा। जल स्रोतों, सार्वजनिक जगहों और दूसरी उपयुक्त जगहों पर पौधे लगाए जाएंगे। इस साल छत्तीसगढ़ में 2.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। 17 अक्टूबर को अभियान के समापन के साथ इस लक्ष्य को पूरा करने की तैयारी है।
सरकार का दावा, लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ कहा कि अभियान की सफलता कार्यक्रमों की संख्या से नहीं, बल्कि लोगों को मिले वास्तविक लाभ से तय होगी। जरूरतमंद को इलाज मिले, पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से जुड़ें, युवाओं को रोजगार मिले और बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले, यही अभियान का मुख्य उद्देश्य होगा।
सरकार ने जिलों में अभियान की लगातार समीक्षा और विभागों के बीच तालमेल रखने पर जोर दिया है। अब चुनौती यही है कि एक महीने तक चलने वाला यह अभियान सिर्फ कागज और कार्यक्रमों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका असर गांव और शहर में आम लोगों तक दिखाई दे।





