सीएम साय के राज में 6 अफसर बदले, मंत्रालय से मैदान तक बदली कमान
राज्य प्रशासनिक सेवा के छह अधिकारियों को नई जिम्मेदारी, 10 दिन में ज्वाइनिंग अनिवार्य, CGPSC परीक्षा से नगर निगम तक बदली व्यवस्था

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक और फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने 27 अगस्त को राज्य प्रशासनिक सेवा के छह अधिकारियों की नई पदस्थापना के आदेश जारी किए। इस बदलाव में मंत्रालय, नगर निगम, जिला पंचायत और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं। सरकार ने सभी अधिकारियों को आदेश जारी होने के 10 दिनों के भीतर नई जगह ज्वाइन करने के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय में देवनारायण कश्यप
राप्रसे 2010 बैच के प्रवर श्रेणी अधिकारी देवनारायण कश्यप अब अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त नहीं रहेंगे। उन्हें नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में उप सचिव बनाया गया है। यानी मैदानी प्रशासन की जिम्मेदारी से हटाकर उन्हें मंत्रालय में विभागीय कामकाज की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
नारायणपुर जिला पंचायत में नई कमान
कोण्डागांव के अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर को नारायणपुर जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। उनकी नई जिम्मेदारी सीधे जिला पंचायत के प्रशासन और विकास कार्यों से जुड़ी होगी।
वहीं नारायणपुर जिला पंचायत के मौजूदा CEO विनय कुमार अग्रवाल को अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त बनाया गया है। इस बदलाव से एक अधिकारी को जिला पंचायत से नगर निगम और दूसरे को मैदानी प्रशासन की नई जिम्मेदारी मिली है।
CGPSC में बदली परीक्षा की जिम्मेदारी
बलौदाबाजार-भाटापारा की अपर कलेक्टर दिप्ती गौते को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC में परीक्षा नियंत्रक की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कामकाज को देखते हुए यह पद बेहद अहम माना जाता है। परीक्षा संचालन, प्रक्रिया और उससे जुड़े प्रशासनिक काम अब उनकी जिम्मेदारी में होंगे।
गुड्डू लाल जगत मंत्रालय पहुंचे
बेमेतरा के अपर कलेक्टर गुड्डू लाल जगत को श्रम विभाग में उप सचिव बनाया गया है। उनकी नई पोस्टिंग मंत्रालय में हुई है। इसके साथ ही उनका मैदानी प्रशासन से मंत्रालय स्तर के कामकाज में तबादला हो गया है।
ऋतु वर्मा का अतिरिक्त प्रभार खत्म
सामान्य प्रशासन विभाग की उप सचिव डॉ. ऋतु वर्मा के पास CGPSC परीक्षा नियंत्रक का अतिरिक्त प्रभार था। नई पदस्थापना के बाद उन्हें इस अतिरिक्त जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उनकी मूल पदस्थापना में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
10 दिन में ज्वाइनिंग का आदेश
सरकार ने तबादले के साथ ज्वाइनिंग को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश जारी होने के 10 दिनों के भीतर वर्तमान पद से कार्यमुक्त होकर नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालना होगा। इसके बाद ज्वाइनिंग का पालन प्रतिवेदन भी शासन को देना होगा।
मंत्रालय से मैदान तक असर
साय सरकार के इस प्रशासनिक फेरबदल में अलग-अलग स्तर के अहम पदों को टारगेट किया गया है। नगर निगम से लेकर जिला पंचायत और CGPSC तक जिम्मेदारियां बदली गई हैं। खास बात यह है कि कुछ अधिकारियों को मैदानी प्रशासन से मंत्रालय भेजा गया है, जबकि कुछ को नई मैदानी जिम्मेदारी दी गई है। इससे प्रशासनिक कामकाज में नई टीम के साथ सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।





