छत्तीसगढ़

सीएम विष्णुदेव साय ने बदले भर्ती नियम, सरकारी नौकरी प्रक्रिया होगी तेज

छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल नियम-2026 लागू, वेटिंग लिस्ट खत्म, तय समय में भर्ती और हर साल अगस्त में परीक्षा कैलेंडर जारी होगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मण्डल नियम, 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग के नए नियमों का मकसद भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, समयबद्ध और पूरी तरह डिजिटल बनाना है। अब आवेदन से लेकर नियुक्ति तक हर चरण तय समय-सीमा में पूरा करना होगा।

सबसे बड़ा बदलाव आधार वेरिफिकेशन और प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन को लेकर किया गया है। अब अभ्यर्थियों को कर्मचारी चयन मण्डल के पोर्टल पर आवेदन से पहले आधार प्रमाणीकरण कराना अनिवार्य होगा। उम्मीदवार जिस पद और विभाग की प्राथमिकता आवेदन के समय देंगे, उसे बाद में बदला नहीं जा सकेगा। सरकार का मानना है कि इससे विवाद और तकनीकी गड़बड़ियां कम होंगी।

भर्ती प्रक्रिया में दो चरणों वाली परीक्षाओं के लिए भी नया नियम लागू किया गया है। जिन पदों पर कौशल परीक्षा या शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी, वहां लिखित परीक्षा के अंकों के आधार पर विज्ञापित पदों के 15 गुना अभ्यर्थियों की सूची-ए तैयार की जाएगी। इसके बाद दूसरा चरण केवल अर्हकारी होगा और संबंधित विभागों को इसे तीन महीने के भीतर पूरा करना होगा।

नए नियमों में सबसे बड़ा फैसला वेटिंग लिस्ट खत्म करने का है। अब अंतिम चयन सूची यानी सूची-बी जारी होने के बाद किसी भी प्रकार की प्रतीक्षा सूची, रिजर्व सूची या अतिरिक्त सूची जारी नहीं होगी। चयन सूची छह महीने तक वैध रहेगी। सरकार का दावा है कि इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबे समय तक चलने वाले विवादों पर रोक लगेगी।

नियुक्ति प्रक्रिया को भी तय समय-सीमा में बांधा गया है। चयनित अभ्यर्थियों को 15 दिन के भीतर अपने दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। इसके बाद संबंधित विभाग को एक महीने के भीतर दस्तावेजों का सत्यापन पूरा करना होगा। सत्यापन की अंतिम तिथि के 10 दिनों के भीतर नियुक्ति पत्र जारी करना अनिवार्य रहेगा। वहीं नियुक्ति पत्र मिलने के 30 दिनों के भीतर अभ्यर्थी को कार्यभार ग्रहण करना होगा।

सरकार ने भर्ती कैलेंडर को भी नियमित करने का फैसला लिया है। अब कर्मचारी चयन मण्डल हर साल अगस्त महीने में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों की रिक्तियां और परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी करेगा। इससे अभ्यर्थियों को पहले से तैयारी का समय मिलेगा और भर्ती प्रक्रिया में अनिश्चितता खत्म होगी।

सरकार का मानना है कि नए नियम लागू होने के बाद भर्ती प्रक्रिया पहले से अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनेगी। डिजिटल सिस्टम, समयबद्ध नियुक्ति, आधार सत्यापन और वेटिंग लिस्ट खत्म होने जैसे फैसलों से फर्जीवाड़े की आशंका कम होगी और योग्य अभ्यर्थियों को समय पर सरकारी नौकरी मिलने का रास्ता आसान होगा।

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