Uncategorizedछत्तीसगढ़

छग सरकार की अनूठी पहल: शासकीय सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना

कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर बैठक संपन्न, शीघ्र लागू करने के निर्देश

छत्तीसगढ़ शासन के सेवकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर आज महानदी भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया द्वारा की गई । बैठक में शासन द्वारा योजना का डिजिटल प्रस्तुतीकरण भी किया गया तथा विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित योजना पूर्णतः कैशलैस होगी तथा उपचार हेतु व्यय की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की जाएगी। कर्मचारी संगठनों ने योजना को अधिक व्यावहारिक, पारदर्शी, सरल एवं कर्मचारी हितैषी बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के कार्यालय प्रमुखों सहित वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विभागीय अधिकारीगण तथा विभिन्न सेवाओं से जुड़े कर्मचारी संघों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्तावित कैशलेस चिकित्सा सुविधा की कार्ययोजना का सभी के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।

प्रस्तुतीकरण के उपरांत उपस्थित कर्मचारी संघ प्रतिनिधियों ने योजना को लेकर अपने सुझाव एवं विचार रखे। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों एवं परामर्श को कार्ययोजना में शामिल करते हुए इसे अपडेट किया जाए तथा शीघ्र ही इसे लागू करने की योजना पर काम करने के निर्देश भी दिए गए।

उल्लेखनीय है कि यह योजना राज्य के शासकीय सेवकों को चिकित्सा उपचार के दौरान नकद भुगतान की परेशानियों से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि फेडरेशन ने 7 जुलाई 2026 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र प्रेषित कर आग्रह किया था कि योजना लागू करने से पूर्व कर्मचारी संगठनों से विस्तृत विचार-विमर्श किया जाए, ताकि योजना कर्मचारियों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू की जा सके। फेडरेशन के इस आग्रह पर शासन द्वारा कर्मचारी संगठनों की बैठक आयोजित किया जाना एक सकारात्मक एवं स्वागतयोग्य कदम है।

बैठक में यह सुझाव भी दिया कि कैशलैस चिकित्सा सुविधा योजना का लाभ केवल कार्यरत शासकीय सेवकों तक सीमित न रखते हुए पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को भी प्रदान किया जाए। साथ ही अधिक से अधिक शासकीय एवं निजी अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाए तथा उपचार की प्रक्रिया को सरल एवं त्वरित बनाया जाए।

बैठक में कमल वर्मा,प्रदेश अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजपत्रित अधिकारी संघ, चंद्रकांत पांडे, राजेश चटर्जी, पवन शर्मा, राकेश सिंह, कीर्तिवर्धन उपाध्याय, संतोष वर्मा, अनिल पांडेय आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button