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उन्मुखीकरण : इन्फ्लूएंसर मीट “रूप नहीं गुण” विकास से किशोरों में आत्मविश्वास भरने हुआ इन्फ्लूएंसर मीट

दंतेवाड़ा, 15 मई 2025: जिला प्रशासन दंतेवाड़ा, यूनिसेफ, अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज और सर्वहितम के संयुक्त तत्वावधान में “रूप नहीं गुण देखो” के अंतर्गत संवाद कार्यक्रम का आयोजन जिला पंचायत मीटिंग हॉल में किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरों में शारीरिक आत्मविश्वास, मानसिक मजबूती एवं सुरक्षित किशोरावस्था हेतु अभिभावकों की भूमिका पर जागरूकता बढ़ाना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समग्र शिक्षा के सहायक मिशन समन्वयक बी. आर. कवासी ने जानकारी दी कि जिले के चिन्हांकित 100 ग्राम पंचायतों में “रूप नहीं गुण देखो” कार्यक्रम यूनिसेफ,एलायंस फॉर बिहेवियर चेंज, एवं सर्वहितम के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत किशोरों में अपने रूप की बजाय अपने गुण की पहचान करके उनमें आत्मविश्वास विकसित लाने और इस हेतु सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण बनाने के लिए विशेष रूप से अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। इस उद्देश्य से युवोदय स्वयंसेवक एवं बालमित्रों के माध्यम से संवाद गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

यूनिसेफ जिला समन्वयक अंकिता ठाकुर (सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन कार्यक्रम) ने कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और रूपरेखा बताई।

इस कार्यक्रम में उपस्थित यूनिसेफ मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिला सलाहकार श्रुति प्रसाद ने बच्चों एवं पालकों के बीच संवाद की महत्ता, जेंडर स्टीरियोटाइप, एवं एक सुरक्षित वातावरण निर्माण करने में समुदाय की भूमिका को वीडियो के माध्यम से समझाने का प्रयास किया।

इस अवसर पर समाज के प्रमुख जनों, समाजसेवकों, पत्रकारों एवं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से सुझाव आमंत्रित किए गए, जिन पर उपस्थित जनों ने अपने विचार खुलकर रखे।

सभी वक्ताओं ने सामुदायिक स्तर पर मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया और इस विषय को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने हेतु सामूहिक प्रयासों की महत्ता को रेखांकित किया। कार्यक्रम में भाग ले रहे व्यक्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

मुस्लिम समाज के अध्यक्ष श्री मोहम्मद कासिम ने इस पहल की सराहना करते हुए समाज में इसकी स्वीकृति और इस दिशा में निरंतर कार्य करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

 

सुनीता गोडबोले, अध्यक्ष बनफूल परिवार, ने अपने अनुभव साझा करते हुए समुदाय में ऐसे प्रयासों की उपयोगिता बताई। पत्रकार श्री शैलेन्द्र ठाकुर ने “पढ़ाई का कोना” एवं “आज क्या सीखा” जैसे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए इनके व्यापक प्रचार-प्रसार की बात कही। सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर श्री दीपक ठाकुर ने सभी माध्यमों का उपयोग करते हुए अधिक से अधिक लोगों तक इस बात को पहुंचाने में जोर दिया, एवं किशोरों के लिए एक सहयोगी एवं सुरक्षित वातावरण के निर्माण करने हेतु सभी को प्रेरित किया। सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर सुरेश कश्यप ने बच्चों और पालकों के बीच आपसी संवाद की महत्ता पर बल देते हुए इस दिशा में ठोस पहल की आवश्यकता जताई।

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