
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगर निगम चुनाव में लॉटरी के जरिए रायपुर के महापौर की सीट सामान्य महिला घोषित हो गई। ऐसे में सालों से मेहनत कर रही महिला प्रत्याशियों का उत्साह बढ़ गया। भाजपा-कॉंग्रेस के बड़े नेताओं के पास खूब सारे आवेदन आए। पार्टी के पदाधिकारियों के मुताबिक नाम तय करना मुश्किल था।
26 जनवरी को तीनों पार्टियों भाजपा कॉंग्रेस और आम आदमी पार्टी ने अपने अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी। तीनों में कॉमन बात यह है कि तीनों दलों ने ब्राह्मण प्रत्याशियों पर ही दांव लगाया है।

भाजपा प्रत्याशी मीनल चौबे जहाँ पार्टी की प्रखर वक्ता होने के साथ वर्तमान में निगम की नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा रहीं। सौम्य छवि वाली न केवल भाजपा के शीर्ष नेताओं की चहेती हैं बल्कि मीनल को पार्षद के रूप में रायपुर नगर निगम का लंबा अनुभव है।


आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी शुभांगी तिवारी पेशे से डॉक्टर हैं। शुभांगी ने MBBS की पढ़ाई के बाद मैंगलोर से जनरल सर्जरी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। शुभांगी की माँ अंजू चंद्रशेखर तिवारी 2 बार की निर्दलीय पार्षद रह चुकी हैं। आम आदमी पार्टी पारिवरिक बैकग्राउंड का भी लाभ लेना चाहती है।

कॉंग्रेस की बात करें तो लंबे मंथन के बाद चुनाव समिति ने देर रात ब्राह्मण पारा निवासी दीप्ति दुबे को पार्टी की तरफ से मेयर प्रत्याशी घोषित किया। दीप्ति रायपुर के पूर्व महापौर प्रमोद दुबे की पत्नी हैं। प्रमोद दुबे साल 2015 से 2020 तक रायपुर के मेयर थे। इस दौरान दीप्ति शहर की प्रथम महिला होने के नाते सामाजिक क्षेत्र में बेहद सक्रिय हुई। साल 2019 में जब प्रमोद दुबे रायपुर लोकसभा का चुनाव लड़ रहे थे तो उस दौरान दीप्ति में चुनाव प्रचार में महती भूमिका निभाई थी।



