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MP में मिलती हैं किराए पर बीवी, बोली लगाकर युवतियों को ले जा सकते हैं अपने साथ

बरसों से चली आ रही धड़ीचा प्रथा, एग्रीमेन्ट करवाना है अनिवार्य

पढ़ने-सुनने में भले ही यह अजीब और चौंकाने वाला लगे, लेकिन मध्यप्रदेश के शिवपुरी में आज भी महिलाएं वस्तुओं की तरह खरीदी-बेची जाती हैं। पहले यहां बरसों पहले धड़ीचा प्रथा रही, जिसमें स्टाम्प पर लिखा-पढ़ी से युवतियों-महिलाओं का सौदा होता था। हालांकि अब यह कुप्रथा काफी हद तक बंद हो गई है, लेकिन युवतियों को खरीदकर घर बसाने की कुरीति जारी है। जिले के करीब 30 फीसदी लोगों की अघोषित ससुराल ओडिशा, बिहार और महाराष्ट्र हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों को दलाल के माध्यम से लोग यहां खरीदकर लाते हैं। फिर इन महिलाओं के साथ जुल्म और दर्द की दास्तां शुरू होती है। जिम्मेदार ऐसे मामलों में जानकर भी अनजान बने हुए हैं।

जानकारों के मुताबिक यहां हर साल करीब 300 से ज्यादा महिलाओं को दस से 100 रूपये तक के स्टांप पर खरीदा और बेचा जाता है और शर्त के अनुसार खरीदने वाले व्यक्ति को महिला को एक निश्चित रकम देनी पड़ती है। रकम अदा करने के बाद, रकम के अनुसार महिला निश्चित समय के लिए उस व्यक्ति की बहू या पत्नी बन जाती है और अनुबंध खत्म होने के बाद लौटी महिला का दूसरे अन्य पुरुष साथ सौदा कर दिया जाता है।

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