ऑटोमैटिक AK-203 राइफल से हुई लैस हुई हमारी INDIAN ARMY, 1 मिनट में 700 राउंड गोलियां दुश्मनों पर करेंगी प्रहार
रूसी तकनीक से भारत में तैयार हुई हैं राइफलें

AK-203 Rifles पीएम नरेंद्र मोदी की मॉस्को यात्रा से पहले, भारतीय सेना को नई रूसी तकनीक से निर्मित एके-203 ऑटेमेटिक राइफल मिली है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अमेठी हथियार कारखाने में रूस और भारत द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित 35,000 उन्नत राइफल का पहला बैच भारतीय सेना को दे दिया गया है। एके 203 राइफल की खासियत यह है कि इससे एक मिनट में 700 राउंड गोलियां फायर की जा सकती हैं।
प्रारंभिक समझौता ज्ञापन पर अप्रैल 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की रूस यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगुर द्वारा 2021 में एके-47 राइफल का उन्नत संस्करण विकसित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। हालांकि, इससे पहले, मार्च 2019 में, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेठी के कारवार आयुध कारखाने में 7.62 कैलिबर एके-203 राइफल उत्पादन परियोजना का उद्घाटन किया था। 2023 से अमेठी आर्म्स फैक्ट्री में एके-203 का उत्पादन शुरू हुआ।

भारत-रूस समझौते के मुताबिक, अगले 10 वर्षों में उत्तर प्रदेश के अमेठी में कारवार आयुध फैक्ट्री में रूसी तकनीक का उपयोग करके छह लाख से अधिक एके-203 राइफलें निर्मित की जाएंगी। कॉन्ट्रैक्ट की रकम 5 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है। भारत-रूस संयुक्त उद्यम में दो रूसी कंपनियों कलाश्निकोव कंसर्न और रोसोबोरोनेक्सपोर्ट ने भारतीय आयुध निर्माणी बोर्ड के साथ मिलकर एक नई कंपनी बनाई है। इस कंपनी का नाम ‘इंडो-रूस राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड’ है। दोनों रूसी कंपनियों का नियंत्रण राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की सरकार द्वारा संचालित रोस्टेक स्टेट कॉर्पोरेशन द्वारा किया जाता है।



