कमल वर्मा 2:0, OPS बहाल करवाने वाले अध्यक्ष को फिर कमान, प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित
छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश संयोजक भी हैं कमल

पुरानी पेंशन योजना बहाल करवाने वाले कमल वर्मा को फिर से छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा कमल वर्मा ने अपने 5 साल के कार्यकाल में प्रदेश से बाहर इलाज की पात्रता, अनुकंपा नियुक्ति में सीलिंग हटवाने, कोरोना काल के work from home की सुविधा के अलावा कई काम किए, जिनकी बदौलत संघ की तरफ से कमल वर्मा को निर्विरोध चुना गया। छत्तीसगढ़ प्रदेश राजपत्रित अधिकारी संघ की आमसभा हुई, जिसमें प्रांताध्यक्ष कमल वर्मा ने अपने पांच साल के कार्यकाल के कार्यों एवं उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर संगठन के कोषाध्यक्ष डी. पी. टावरी ने संघ का आय-व्यय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुभाष मिश्र रहे।

कमल वर्मा वर्तमान में संचालनालय कोष एवं लेखा में प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी के पद पर कार्यरत है। साथ में वे छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश संयोजक भी हैं।नवनिर्वाचित अध्यक्ष कमल वर्मा ने संघ की आगामी कार्ययोजना पर कहा कि वे राजपत्रित अधिकारी संदेश ” पत्रिका का प्रकाशन एवं नवा रायपुर में रियायती दर पर आवास हेतु जमीन उपलब्ध कराने प्रयास कराएंगे। बैठक संचालन अविनाश तिवारी ने किया।

आमसभा में प्रमुख रूप से नंदलाल चौधरी, भूपेंद्र पांडेय,श्री संजीव तिवारी, प्रतीक खरे, डी पी टावरी, पी एल सहारा, पूषण साहू, डॉ अशोक पटेल, डॉ सोम गोस्वामी, अभिषेक शर्मा, डॉ दीपक चंद्राकार, डॉ व्ही के पैगवार, डॉ ए के कोसरिया, डॉ एस एल ओगरे, डॉ एच चंद्राकर, डॉ आर के चौरसिया, डॉ दीपेश रावटे, डॉ बी के विश्वकर्मा, डॉ के के ठाकुर, डॉ आई पी यादव, नीरज शाह, कैलाश पैकरा, एन आर के चंद्रवंशी, मनीष खोब्रागड़े, श्रीमती पूजा कश्यप साहू, सत्येंद्र देवांगन, जय साहू, मोहम्मद असलम, संतोष वर्मा,डॉ जी के देशमुख सहित प्रदेश भर से आए राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।
कमल वर्मा की उपलब्धियां और वादे
1.अध्यक्ष बनने के उपरांत संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, कार्यालय भवन के लिए प्रयास एवम् सफलता।
2 .दो वर्ष तक वैश्विक महामारी कोरोना के कारण अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर निरंतर संघर्ष।वर्क फ्रॉम होम, चिकित्सा इत्यादि क्षेत्र में उपलब्धि।
3 .अनुकंपा नियुक्ति में सीलिंग हटाने में सफलता।
4 .पुरानी पेंशन योजना बहाल करने में सफलता।
5 .फेडरेशन के साथ मिलकर 5 दिन निश्चित एवम् 17 दिन निश्चितकालीन आंदोलन।
6 .केंद्र के समान डीए एवम् गृह भाड़ा भत्ता।
7 .90/70/80 आदेश को समाप्त कराया।
8 .राजपत्रित संघ द्वारा गृह निर्माण समिति का पंजीयन। जमीन के लिए प्रयास जारी
9 .राज्य से बाहर चिकित्सा बहाल कराया।
10 .सातवें वेतनमान के एरियर्स का भुगतान
11 .विभागों में वरिष्ठ अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर तत्कालीन सीएम से भेंट। मत्स्य, सांख्यिकीय, कोष लेखा जैसे विभागों में विभागीय अधिकारियों की संचालक के पद पर पदस्थापना।
12 .कई विभागों में पदोन्नति हेतु संघ का प्रयास ट्राइबल,वित्त एवम् अन्य विभागों में सफलता।
13 .अचल संपत्ति एवम् गोपनीय प्रतिवेदन ऑनलाइन करने संकल्पित। कोष लेखा में 1 अप्रैल से लागू।
14 .हमर चिन्हारी कार्यक्रम के माध्यम से सदस्यता अभियान।स्पेशल कार्ड भी जारी करते है।
15 .कोई भी अधिकारी मुझसे मिलता है या कॉल करता है। मैं उनकी बातों को गंभीरता से लेता हूं।समाधान के लिए प्रयास करता हूं।
16 .अपर संचालक 2.67 वेतन निर्धारण हेतु फॉर्मूला लागू कराया। लाखों रुपए का एरियर्स मिला।
17 .राजपत्रित अधियारियों के वर्षों से रिक्त पदों को अभियान चलाकर भरा जाए
18 .एक राज्य एक भर्ती नियम
19 .संघ की वित्तीय स्थिति
20 .प्रदेश में एकमात्र मान्यता प्राप्त संगठन



