Uncategorizedउत्तर प्रदेशछत्तीसगढ़बिहारराजनीतिराष्ट्रीय

पहले चरण के 102 सीटों पर 63 % मतदान पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 77 % तो बिहार में सबसे कम 43 % वोटिंग

102 सीटों पर छिटपुट हिंसा के बावजूद शांतिपूर्ण हुए चुनाव,लोकतंत्र के महापर्व के पहले दिन लोग घरों से अपनी सरकार चुनने निकले। 21 राज्यों की 102 सीटों पर शाम तक मतदान हुए। चुनाव आयोग  के अनुसार, इस साल पहले फेज में 60 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। हालांकि यह 2019 के मुकाबले कम ही रहा। कहीं छिटपुट हिंसा की खबरें भी सुनाई दीं।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण में  चुनाव का प्रतिशत 2019 के मुकाबले काफी कम रहा। चुनाव आयोग ने बताया कि 21 राज्यों की 102 लोकसभा सीटों के लिए 63 .03 फीसदी मतदान हुआ जो 2019 लोकसभा चुनावों में पहले चरण में पड़े 69.43 फीसदी वोट से काफी कम है। पश्चिम बंगाल और मणिपुर में हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। छत्तीसगढ़ में ग्रेनेड लॉन्चर के गोले में दुर्घटनावश विस्फोट होने से सीआरपीएफ के जवान की मौत हो गई।

सबसे अधिक वोटिंग त्रिपुरा में,सबसे कम बिहार में वोटिंग 

सबसे अधिक 79.90 फीसदी मतदान त्रिपुरा में हुआ जहां दो लोकसभा सीटों में से एक पर वोट पड़े। दूसरे नंबर पर 77.57 प्रतिशत मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ। यहां 42 में से तीन सीटों पर मतदान हुआ। पुडुचुरी, असम और मेघालय की दो सीटों पर भी 70 फीसदी से अधिक वोट पड़े। तमिलनाडु की सभी 39 लोकसभा सीटों पर 62.19 फीसदी वोट पड़े। उत्तर प्रदेश में 57.61 फीसदी वोट पड़े। छत्तीसगढ़ की नक्सल प्रभावित सीट पर 63.41 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान बिहार में हुआ। यहां 40 सीटों में चार पर वोट डाले गए और 47.49 फीसदी ही मतदान हुआ। पहले चरण तमिलनाडु की सभी 39, उत्तराखंड की सभी पांच, अंडमान-निकोबार 1, अरुणाचल प्रदेश 2, लक्षदीप की एक, मेघालय की दो, मिजोरम 1, नगालैंड 1, पुडुचेरी 1 और सिक्किम की एक लोकसभा सीटों के लिए वोट पड़े।

इन राज्यों में हुई हिंसा
पश्चिम बंगाल में हिंसा के लिहाज से संवेदनशील कूचबिहार निर्वाचन क्षेत्र के कई हिस्सों में टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के साथ ही तीन संसदीय सीटों पर हिंसा हुई। टीएमसी और बीजेपी दोनों ने चुनावी हिंसा, मतदाताओं को धमकाने के मामले में शिकायतें दर्ज कराईं। पूर्वी नगालैंड के छह जिलों में सन्नाटा पसरा रहा, जहां अलग राज्य की मांग को लेकर आदिवासी संगठनों के एक ग्रुप ने अनिश्चितकालीन बंद बुलाया था। इसके कारण लोग घरों में ही रहे और वोटिंग नहीं हुई। चुनाव आयोग के मुताबिक बस्तर के 56 गांव के लोगों और ग्रेट निकोबार की शोमपेन (Shompen) जनजाति ने पहली बार वोट डाला। हिंसा प्रभावित मणिपुर में भी कुछ छिटपुट घटनाएं हुईं। इनर मणिपुर लोकसभा सीट के तहत आने वाले थोंगजु विधानसभा क्षेत्र में स्थानीयों और अज्ञात लोगों के बीच विवाद हो गया। मणिपुर में कुछ स्थानों पर ईवीएम को नुकसान पहुंचाए जाने की भी खबरें आईं।

Related Articles

Back to top button