दर्शक चाहते हैं कि खिलाड़ी हर मैच में शतक बनाए, ऐसा नहीं होने पर परिवार वालों को भी ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ता है। पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने एक शो के दौरान अपने करियर का एक किस्सा सुनाया है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे का मान रखने के लिए शतकीय पारी खेली थी।

वीरेंद्र सहवाग फीवर एमएम ऑफिशयल से इंटरव्यू के दौरान बताया कि कैसे उनके बेटे को स्कूल में उनकी खराब पारियों की वजह से काफी ताने सुनने पड़ते थे और उनके बेटे ने उनसे बताया कि पापा आपके आईपीएल मैचों की पारियों के कारण से मेरी बेइज्जती होती है। मेरे सारे दोस्त कहते हैं कि आपके पिता जी अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं, वो सिर्फ मैच में हिस्सा लेते हैं और आ जाते हैं। जिस पर मैंने बिना नाराज हुए बेटे से प्रदर्शन बेहतर करने का वादा किया था”

उन्होंने आगे कहा, ”मैं चेन्नई के खिलाफ नॉकआउट खेलने गया तो मैंने 58 गेंद में 122 रन बनाए। हर गेंद खेलते हुए मैं यही सोच रहा था कि मुझे अपने बेटे के लिए रन बनाने हैं, जिससे इतनी अच्छी पारी हो जाए, जिससे क्लास में उसकी बेइज्जती न हो। 122 बनाने के बाद मैच के बाद मैंने अपनी पत्नी को फोन किया और अपने बेटे से पूछा कि मैच देखा? उसने कहा “LOVE U PAPA पापा मजा आ गया”




