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छत्तीसगढ़ के 40 बाल वैज्ञानिकों का सम्मान, दिल्ली में दिखाएंगे अपना हुनर

जापान से लौटे छात्रों ने बांटे अनुभव, भारत मंडपम में राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगी प्रतिभा, विभाग ने बढ़ाया हौसला

छत्तीसगढ़ के होनहार स्कूली बच्चों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर लगन पक्की हो, तो प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत राष्ट्रीय स्तर की विज्ञान प्रदर्शनी के लिए चुने गए राज्य के 40 बाल वैज्ञानिकों के सम्मान में राजधानी रायपुर के एससीईआरटी (SCERT) परिसर में एक शानदार कार्यक्रम रखा गया। इस दौरान पिछले साल साकुरा प्रोग्राम के तहत जापान जाकर लौटे 5 छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सभी नन्हे वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाई। उन्होंने कहा कि ये बच्चे आगे चलकर छत्तीसगढ़ का भविष्य तय करेंगे। राज्य सरकार पढ़ाई और नवाचार के क्षेत्र में हर बच्चे को पूरा सहयोग देगी। वहीं स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि भाषा कभी प्रतिभा की राह में रोड़ा नहीं बनती। अगर सोच और विचार दमदार हैं, तो हिंदी या स्थानीय बोली में भी अपनी बात रखकर दुनिया जीती जा सकती है। हमारे हिंदी मीडियम के छात्रों ने जापान पहुंचकर इसे साबित भी किया है।

जापान रिटर्न बच्चों ने बताए अपने अनुभव

कार्यक्रम में जापान यात्रा से लौटे छात्रों ने दिल्ली जाने वाली नई टीम के साथ अपने अनुभव बांटे। इनमें बलौदाबाजार के गगनदास मानिकपुरी (जिन्होंने सुई में धागा डालने वाली अनोखी डिवाइस बनाई) और नागेश कुमार के अलावा धमतरी की समीक्षा साहू (नल से पानी की बर्बादी रोकने वाला यंत्र बनाने वाली), सुनैना और जांजगीर-चांपा के सैयद काशफ अली शामिल रहे। इन छात्रों ने बताया कि कैसे एक छोटा सा आइडिया राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा सकता है।

दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा मंच

राज्य नोडल अधिकारी हिमांशु भारतीय ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रतियोगिता में पूरे देश से करीब 10 लाख आइडिया आते हैं, जिनमें से एक लाख मॉडल्स का चयन होता है। चुने गए बच्चों को मॉडल बनाने के लिए पहले 10 हजार और फिर राष्ट्रीय स्तर के लिए 25 हजार रुपये की मदद दी जाती है।

हाल ही में एनआईटी (NIT) रायपुर में 2 और 3 सितंबर को इन बच्चों के लिए दो दिन की मेंटरशिप वर्कशॉप रखी गई थी, जहां वैज्ञानिकों ने इनके मॉडल्स को और तराशा। अब ये सभी 40 बाल वैज्ञानिक 12 से 14 अक्टूबर तक नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी (NLEPC) में अपना हुनर दिखाएंगे। सम्मान समारोह के बाद सभी बच्चों को शुभकामनाओं के साथ ट्रेन से दिल्ली रवाना किया गया।

इस मौके पर लोक शिक्षण संचालक ऋतुराज रघुवंशी, उपसंचालक अशोक नारायण बंजारा, सहायक संचालक सतीश महेश्वरी, धनेश्वरी साहू समेत सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी, नोडल प्रभारी और बच्चों के परिजन मौजूद रहे।

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