
छत्तीसगढ़ के खेल जगत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। करीब आठ साल से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों का सपना आखिरकार पूरा होने जा रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग ने छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में नियुक्त करने की नीति-2007 के तहत राजपत्र में सूची प्रकाशित कर दी है। इसके साथ ही इन खिलाड़ियों के लिए सरकारी सेवा का रास्ता आधिकारिक रूप से खुल गया है। लंबे समय से अटकी प्रक्रिया पूरी होने के बाद खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है।
दरअसल, यह मामला वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान प्राप्त आवेदनों से जुड़ा था। खिलाड़ियों ने आवेदन तो वर्षों पहले कर दिए थे, लेकिन चयन प्रक्रिया लगातार लंबित रही। 30 जून को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में इन सभी लंबित मामलों की समीक्षा की गई। खिलाड़ियों की उपलब्धियों, प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों की जांच के बाद 156 नामों पर अंतिम सहमति बनी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर सूची को राजपत्र में प्रकाशित कर दिया।
इस सूची में प्रदेश के 20 अलग-अलग खेलों के खिलाड़ियों को जगह मिली है। आर्चरी, बैडमिंटन, हॉकी, फेंसिंग, कराते, कयाकिंग-केनोइंग, एथलेटिक्स, सॉफ्ट टेनिस, वुशू, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, नेटबॉल, सॉफ्टबॉल, वॉलीबॉल, वेटलिफ्टिंग, स्विमिंग, पैरा स्पोर्ट्स और साइक्लिंग (स्पेशल ओलंपिक) जैसे खेलों के खिलाड़ी इसमें शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी आकर्षी कश्यप सहित कई ऐसे खिलाड़ी भी सूची में हैं जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।
सरकार ने इस बार पैरा खिलाड़ियों को भी बराबरी का अवसर दिया है। पैरा एथलेटिक्स, पैरा स्विमिंग और व्हीलचेयर फेंसिंग के खिलाड़ियों को भी उत्कृष्ट खिलाड़ी के रूप में अधिसूचित किया गया है। ईश्वरी निषाद, प्रीति यादव, ममता मिश्रा, किसराम पटेल, कोमल कुमार मरकाम और मालती पनौरे जैसे खिलाड़ियों को भी इस सूची में शामिल किया गया है। इससे दिव्यांग खिलाड़ियों को भी उनकी खेल उपलब्धियों का लाभ मिलेगा और सरकारी सेवा में अवसर प्राप्त होगा।
राजपत्र प्रकाशित होने के बाद अब इन 156 खिलाड़ियों की नियुक्ति राज्य के विभिन्न शासकीय विभागों में निर्धारित पात्रता और रिक्त पदों के अनुसार की जाएगी। नियुक्तियां छत्तीसगढ़ उत्कृष्ट खिलाड़ी नीति-2007 के प्रावधानों के तहत होंगी। उप सचिव पुलक कुमार भट्टाचार्य के आदेश के बाद अब संबंधित विभाग पदस्थापना की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
यह फैसला केवल 156 खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी का रास्ता खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बन गया है। वर्षों की मेहनत, संघर्ष और उपलब्धियों को अब सरकारी मान्यता मिलने जा रही है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे युवाओं का खेलों की ओर रुझान बढ़ेगा, प्रदर्शन बेहतर होगा और छत्तीसगढ़ भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंच पर और मजबूत पहचान बनाएगा।



