60 विस्थापित परिवारों का पुनर्वास, सरकार ने दी सभी मूलभूत सुविधाएं
नकटी से सेक्टर-30 तक नई शुरुआत: पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी

नवा रायपुर। धरसींवा विकासखंड के ग्राम सम्मानपुर (नकटी) में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के बाद जिला प्रशासन ने पात्र विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासन के अनुसार पात्र 60 परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित आवासों में सफलतापूर्वक बसाया गया है। नए घरों में बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
विधायक बोले- सरकार हर परिवार के साथ
धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि सरकार विस्थापित परिवारों की पूरी चिंता कर रही है और किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस विषय पर पहले भी सरपंच और स्थानीय लोगों के साथ चर्चा की गई थी तथा सरकार अपने सभी आश्वासनों पर कायम है। पुनर्वास के दौरान हर पात्र परिवार को सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राहत शिविर में हर जरूरी व्यवस्था
प्रशासन के मुताबिक पुनर्वास स्थल पर भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं लगातार उपलब्ध कराई जा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उद्देश्य यह है कि नए स्थान पर पहुंचने वाले परिवारों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे जल्द सामान्य जीवन शुरू कर सकें।
इन मामलों में नहीं मिला आवास
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने अन्य स्थानों पर केवल बाउंड्री वॉल बनाकर भूमि आरक्षित कर रखी थी, उन्हें पुनर्वास योजना के तहत आवास उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि केवल पात्र परिवारों को ही योजना का लाभ दिया गया है और पूरी प्रक्रिया तय मानकों के अनुसार की गई है।
अफवाहों से बचने की अपील
विधायक अनुज शर्मा ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। उनका कहना है कि कुछ लोग गांव का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार पहले भी ग्रामीणों के साथ थी और आगे भी उनके हितों की रक्षा करती रहेगी।
ग्रामीणों ने जताया आभार
पुनर्वासित परिवारों और स्थानीय ग्रामीणों ने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि उनके व्यवस्थापन की चिंता करते हुए आवास उपलब्ध कराए गए हैं। उनका कहना है कि नई जगह पर मूलभूत सुविधाओं के साथ रहने की व्यवस्था होने से उन्हें राहत मिली है और अब वे नए सिरे से जीवन शुरू कर सकेंगे।



