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यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉक्टर की ठशन आपको कर देगी हैरान, चिकित्सा शिक्षा विभाग मेहरबान

HOD का दायित्व जाने के बाद भी मेहमान की तरह जमे हुए हैं डॉ आशीष सिन्हा

छत्तीसगढ़ का चिकित्सा शिक्षा विभाग यौन उत्पीड़न के आरोपी डॉ आशीष सिन्हा पर खूब मेहरबान है। शायद इसीलिए बड़ा आरोप लगने के बाद न तो डॉ सिन्हा को निलंबित तक नही किया गया। केवल दिखावे के लिए उनसे एचओडी का प्रभार लेकर दूसरे डॉक्टर को दे दिया गया है। विभाग की छूट के कारण ही डॉक्टर आशीष सिन्हा न केवल विभाग प्रमुख के रूम में कब्जा जमाए बैठे है बल्कि वहीं से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश भी देते हैं। इतना ही नही इसी कमरे से वे खुद को निर्दोष साबित करने के तमाम हथकण्डे अपना रहे हैं। इधर पॉश एक्ट यानि यौन उत्पीडन रोकथाम अधिनियम के तहत शिकायतकर्ता को मिलने वाली सुरक्षा पर शासन चर्चा नहीं कर रहा। जबकि शिकायत करने के बाद कई बार आरोपी और प्रार्थिया का आमना सामना हो चुका है। अभी तक प्रार्थिया की काउंसिलिंग भी नहीं की गई है। बता दें कि डॉ आशीष सिन्हा रायपुर मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी डिपार्टमेंट में HOD थे। HOD रहने के दौरान डॉ सिन्हा पर विभाग की एक पीजी स्टूडेंट(महिला डॉक्टर) ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। करीब 15 दिन पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिख्कर आपबीती सुनाई थी। जिसमे बताया था कि डॉ सिन्हा साथ मे शराब पीने और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाते हैं।

आर्थिक अनियमितता मामले को दबाने की कोशिश

डॉ आशीष सिंहा पर 1 करोड़ 62 लाख रुपए गबन के आरोप भी है। विधानसभा में मामला उठने के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जांच के लिए कमेटी बना दी है कि जांच का कोई निष्कर्ष निकलेगा या कार्रवाई होगी इस पर सवाल है क्योंकि बीते साल ही मामले में जांच हो चुकी है, 3 सदस्यों की जांच समिति ने गड़बड़ी की आशंका भी जताई है लेकिन जिसपर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

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