बाल सुरक्षा के लिए सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न
चाइल्ड फ्रेंडली गांव का होगा निर्माण, हर बच्चा होगा सुरक्षित

रायपुर 26 फरवरी 2025 / यूनिसेफ, न्यू कांसेप्ट और अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज के संयुक्त तत्वावधान में शहर के गगन रेजीडेंसी होटल में बाल सुरक्षा के लिए सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला किया गया ।
दो दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए न्यू कांसेप्ट के प्रशिक्षक संजय शर्मा ने गतिविधि कराकर प्रशिक्षित किया । उनके द्वारा कई प्रकार की गतिविधि, रोल प्ले, खेल, गुप डिस्कशन आदि के माध्यम से चाइल्ड प्रोटेक्शन और हमारा कर्तव्य, बच्चों के साथ संवाद के तरीके, मौखिक और गैर- मौखिक संचार, प्रभावी संचार, संवादहीनता के नुकसान, बच्चों और अभिभावकों के साथ लगाव और संवाद आदि को बताया गया।

इस कार्यशाला में गाँव में बाल तस्करी से सम्बंधित एक कहानी के माध्यम से गाँव के प्रबुद्ध वर्ग – सरपंच, सचिव, युवा मंडल, कोटवार तथा किशोर वर्ग का अलग-अलग मत लिया गया। इसमें दोनों वर्गों ने बाल तस्करी रोकने के लिए सामूहिक चर्चा करके उचित निर्णय लिया ।
गाँव में किशोर की पढाई में आए गतिरोध के विषय पर सहयोगात्मक माहौल बनाने के उद्देश्य से स्टैंडिंग कमिटी बनाकर एक समूह चर्चा की गई । इस गतिविधि में प्रतिभागियों को माता, भाई, सहेली, पढ़ोसी, शिक्षक, सरपंच, एनजीओ, बाल सुरक्षा अधिकारी, स्वयं सहायता समूह, आंगनबाड़ी सेविका, ए एन एम, धर्मगुरु आदि बनाया गया । सभी ने अपनी – अपनी भूमिका के बारे में बतायी । ऐसा करके सामाजिक पारिस्थितिक तंत्र (Socio Ecological Model) को समझाया गया ताकि किशोरों आदि के लिए उचित माहौल बनाया गया।
दो दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों के द्वारा सभी 10 गतिविधियों को अपने कार्य क्षेत्र में कार्यान्वित करने के उद्देश्य से एक प्रभावी एक्शन प्लान बनाया गया। यह एक्शन प्लान प्रतिभागी अपने कार्यक्षेत्र में उचित प्लेटफार्म के माध्यम से निर्धारित अवधि में करके अपनी रिपोर्ट सौपेंगे ।
बीते मंगलवार को प्रारंभ हुए कार्यक्रम का शुभारम्भ यूनिसेफ कंसल्टेंट चन्दन कुमार, अभिषेक त्रिपाठी, अलायंस के स्टेट नोडल मनीष कश्यप, अलायंस के दुर्ग संभाग प्रभारी शरद श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन करके किया।
कार्यक्रम के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ यूनिसेफ की चाइल्ड स्पेशलिस्ट चेतना देसाई ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सिर्फ कानून के पालन से नहीं होगा । बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी समुदाय में व्यापक परिवर्तन के लिए सहज वातावरण का निर्माण करना आवश्यक है । उन्होंने इस दिशा में काम करने के लिए सुझाव देते हुए कहा कि सबसे पहले जहाँ कम चुनौतियाँ हों वहां से काम करना प्रारंभ करें ।
इस कार्यशाला में मुख्य रूप से अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज मेम्बर दौलत कश्यप, विपिन ठाकुर, डॉ पुरुषोत्तम चंद्राकर, सर्वहितम के स्टेट कोऑर्डिनेटर सर्वत नकवी, जिला समन्वयक तेज सारथी, अंकिता ठाकुर, शालिनी गुप्ता , सी डब्लू सी मेम्बर, एन एस एस के अधिकारी, एन एस एस और एन वाई के एस के स्वयंसेवक सहित कुल 40 प्रतिभागी उपस्थित थें ।।



