
इंदौर, मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल में मोबाइल की घंटी बजी तो 10वीं की छात्राओं के कपड़े उतरवाकर उनकी तलाशी की गई। पुलिस के सामने पीड़िता छात्राओं ने जो बयान दिए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। छात्राओं के अंडर गारमेंट्स तक उतरवा लिए गए। हद तो ये कि एक छात्रा ने पीरियड्स होने की बात कहते हुए अंडरगारमेंट नहीं उतारने की गुजारिश लेकिन मैडम ने एक न सुनी और पैड भी निकलवाकर चेकिंग की।
बच्ची ने फोन कर मम्मी को बुलाने के लिए भी कहा, लेकिन शिक्षक जया पंवार का गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने छात्रा को धमकी दी कि यदि वो अपनी सलवार नहीं उतारेगी तो मैं खींचकर उतार दूंगी…और इतना कहते-कहते मैडम ने छात्रा की सलवार खींच दी। फिर अंडर गारमेंट भी उतरवा दिया। मैडम ने पैड भी हटवाकर देखा, जिसके बाद शिक्षक छात्रा को बाथरूम से बाहर जाने के लिए कहा।’ मासूम स्कूल से निकलकर अपनी सहेली के घर गई, जहां उसने अपनी सहेली के पिता को यह बात बताई।
जब यह जानकारी छात्रा के मामा को लगी तो वे 100 किलोमीटर दूर से भागते हुए इंदौर पहुंचे। छात्राओं के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दिया है ।
पीड़ित छात्रा ने बयान में बताया है कि, शुक्रवार को लंच के बाद 11 बजे के करीब हमारा साइंस का लेक्चर था, मनीषा मैडम अपने मोबाइल में साइंस के कुछ सवाल निकालकर बोर्ड पर लिख रहीं थीं। तभी किसी दूसरे फोन की रिंगटोन बजी, तो क्लास की एक छात्रा के पास मोबाइल मिला। मैडम ने इस मोबाइल पर फोन लगाकर देखा और कहने लगी इस फोन की रिंगटोन नहीं है। क्लास में किसी और के पास भी मोबाइल है। मैडम ने कहा कि बता दो किस लड़की के पास फोन है, लेकिन किसी के पास फोन नहीं निकला, जिसके बाद दो अन्य मैडम जया पंवार और अनीता पुरी मैडम आईं, जो कि स्कूल में डिसिप्लिन देखती हैं। इसके बाद जया पंवार मैडम ने दो छात्राओं को क्लास रूम के बाहर निकालकर उनसे फोन मांगते हुए उन्हें बहुत मारा, जब छात्राओं ने मोबाइल होने से मना किया तो जया मैडम उन्हें स्टाफ के वॉशरूम में लेकर गई और छात्राओं के कपड़े उतार दिए और धमकाते हुए कहा कि मोबाइल हो तो दे दो, वरना मैं तुम्हारा वीडियो बनाकर वायरल कर दूंगी।

छात्रा के मुताबिक, इसके बाद 4 अन्य छात्राओं के भी कपड़े उतारकर इस तरह की धमकी दी गई, जिसके बाद गणित की टीचर रश्मि साहू ने आकर कहा कि उनके क्लास की लड़कियां ऐसा नहीं कर सकती हैं। वह लड़कियों को वॉशरूम से निकालकर क्लास में ले गईं।
इधर इस मामले पर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एमपी सरकार को नोटिस जारी करते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।



