
नवीन पटनायक के सीएम पद से हटने के बाद ओडिशा में अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि नए सीएम को रखे कहाँ… नया बांग्ला तलाशा जा रहा लेकिन ऐसा कोई भवन नहीं मिल रहा जिसे सीएम हाउस के रूप में डेवलप किया जा सके।आनन फानन में करोड़ो खर्च कर गेस्ट हाउस को ही रेनोवेट करवाया जा रहा है।
दरअसल, नवीन पटनायक ने बतौर सीएम 24 साल अपने निजी घर से ही सरकार चलाई थी। वह वर्ष 2000 से राज्य की सत्ता संभाल रहे थे, इस दौरान राज्य में सीएम के लिए कोई आधिकारिक आवास ही नहीं बनाया।

सरकारी आवास में शिफ्ट न होना नवीन बाबू का एक बड़ा फैसला था। दरअसल उनके पिता बीजू पटनायक ने राजधानी भुवनेश्वर में अपने लिए एक आलीशान बंगला बनवाया था। हमेशा से नवीन बाबू उसी बंगले में रहते रहे। जब उन्हें सीएम पद की जिम्मेदारी मिली तो भी उन्होंने इसी बंगले में रहना पसन्द किया। हालांकि इस दौरान बंगले के रखरखाव, सुरक्षाकर्मी और कर्मचारियों का खर्च सरकार ही उठाती थी।
बंगले की तलाश जारी
राज्य में अधिकारियों ने सीएम हाउस के लिए भवन की तलाश शुरू कर दी है। एक बंगला नवीन पटनायक का शिकायत सेल बिल्डिंग हो सकती है. यहां नवीन बाबू सीएम रहते जनता से मिलने आते थे। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सीएम आवास न होने की वजह से नए सीएम के लिए राज्य के गेस्ट हाउस में एक सुईट को तैयार किया जा रहा है।
नवीन पटनायक से पहले के दो मुख्यमंत्री हेमानंद बिस्वाल और जानकी बल्लभ पटनायक एक छोटे बंगले में रहा करते हैं। 1995 में जेपी पटनायक के हटने के बाद सीएम कार्यालय एक दो मंजिले भवन में शिफ्ट कर दिया गया था।उसी भवन में नवीन पटनायक का जनशिकायत सेल था। फिर 2000 में नवीन पटनायक ने सीएम बनने बाद उस बिल्डिंग के बजाय खुद के बंगले में रहना पसंद किया था।



