अतिथि व्याख्याताओं से लेकर अग्निवीरों तक, कैबिनेट के तीन बड़े फैसले
अतिथि व्याख्याताओं की नीति बदली, विस्थापितों को फिर मौका; पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियम तय, ‘हनुमान अंश’ फिल्म को टैक्स छूट का रास्ता साफ

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में अतिथि व्याख्याताओं, पूर्व अग्निवीरों और फिल्म ‘हनुमान अंश’ को लेकर बड़े फैसले लिए गए। सबसे अहम बदलाव शासकीय कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याताओं की नीति में किया गया है।
सरकार ने अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में संशोधन कर नई नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसमें साफ किया गया है कि मेरिट लिस्ट में एक ही श्रेणी के दो उम्मीदवारों के अंक बराबर होते हैं तो छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को प्राथमिकता मिलेगी। यानी बराबर मेरिट की स्थिति में स्थानीय उम्मीदवार को सीधा फायदा मिलेगा।
विश्वविद्यालय का अनुभव भी अब गिना जाएगा
नई नीति में अध्यापन अनुभव को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान कम से कम पांच महीने पढ़ाने वाले अतिथि व्याख्याता को अनुभव के पांच अंक मिलेंगे। अनुभव के लिए कुल 30 अंक तय हैं।
पहले राजकीय विश्वविद्यालय में पढ़ाने के अनुभव को लेकर स्थिति इतनी स्पष्ट नहीं थी। संशोधन के बाद विश्वविद्यालयों में पढ़ा चुके अभ्यर्थियों के अनुभव को भी मेरिट में जगह मिल सकेगी। सवाल यह है कि इस बदलाव का सबसे ज्यादा फायदा किन अभ्यर्थियों को मिलेगा और कॉलेजों में नियुक्तियों के दौरान इसका असर कितना पड़ेगा।
जिन्हें हटाया, उन्हें फिर मौका
कैबिनेट ने विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं के अनुभव को भी बेकार नहीं जाने देने का फैसला किया है। शासकीय कॉलेजों और राजकीय विश्वविद्यालयों से विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को खाली पदों पर दोबारा नियुक्ति का अवसर दिया जाएगा।
मानदेय को लेकर भी व्यवस्था बदली गई है। अभी तक अलग-अलग कालखंड के आधार पर भुगतान की व्यवस्था थी। इसे हटाकर कार्य-दिवस के हिसाब से मानदेय देने का फैसला किया गया है। साथ ही अतिथि व्याख्याताओं और दूसरे अतिथि शैक्षणिक अमले के काम, कार्य अवधि और आकस्मिक अवकाश के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।
‘हनुमान अंश’ पर सरकार ने खर्च का रास्ता खोला
फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने की 10 सितंबर की घोषणा के बाद अब कैबिनेट ने इससे जुड़े आदेश का अनुसमर्थन कर दिया है। फिल्म के प्रदर्शन पर सिनेमाघरों को राज्य जीएसटी के बराबर राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।
यानी दर्शकों के लिए फिल्म को टैक्स फ्री करने का फैसला अब सरकारी खजाने से प्रतिपूर्ति के जरिए लागू होगा। वाणिज्यिक कर विभाग पहले ही इसका आदेश जारी कर चुका था, जिसे अब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
अग्निवीरों के लिए भर्ती के नियम तय
पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला किया है। राज्य की तृतीय श्रेणी की सिविल सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले ही किया जा चुका है। अब इसे जमीन पर लागू करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026’ को मंजूरी दी गई है।
इन नियमों के तहत पुलिस में आरक्षक, वन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी की भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण मिलेगा। नियुक्ति, सेवा शर्तों, भर्ती के मापदंड, आरक्षण और चयन प्रक्रिया को नियमों में शामिल किया गया है।
तीन फैसले, तीन अलग असर
कैबिनेट के इन फैसलों का असर तीन अलग-अलग वर्गों पर पड़ेगा। अतिथि व्याख्याताओं के लिए नई मेरिट व्यवस्था और विस्थापितों को दोबारा मौका मिलेगा। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के लिए एसजीएसटी की प्रतिपूर्ति होगी। वहीं पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण को लागू करने का औपचारिक रास्ता साफ हो गया है।





