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नया बोलकर थमा दिया पुराना फोन! रायपुर में दुकान और सर्विस सेंटर का सिडिंकेट

खरीदने से 7 महीने पहले ही एक्टिवेट निकला सैमसंग फोन, सर्विस सेंटर के बिल में भी बड़ा फर्जीवाड़ा, ग्राहक ने पुलिस में दर्ज कराई धोखाधड़ी की शिकायत।

अगर आप भी दुकान से एकदम नया और सील पैक फोन समझकर खरीद रहे हैं, तो जरा संभल जाइए! रायपुर से धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक नामी दुकान ने ग्राहक को 7 महीने पुराना और पहले से चालू मोबाइल नया बताकर थमा दिया।

स्क्रीन खराब हुई तो खुला खेल
रायपुर के देवेंद्र नगर निवासी अक्षत अग्रवाल ने सितंबर 2023 में तेलीबांधा की अबाबा मोबाइल शॉप से सैमसंग गैलेक्सी S21 FE खरीदा था। अगस्त 2026 में फोन की स्क्रीन पर ग्रीन लाइन आई, तो वे फ्री स्क्रीन रिप्लेसमेंट कराने श्याम प्लाजा स्थित सैमसंग सर्विस सेंटर पहुंचे। वहां सिस्टम में फोन चेक हुआ तो ग्राहक के होश उड़ गए—फोन की एक्टिवेशन डेट 1 फरवरी 2023 दिख रही थी, जबकि इसे नया कहकर सितंबर में बेचा गया था।

बिलिंग में भी बड़ा झोल
धोखाधड़ी यहीं नहीं रुकी। सर्विस सेंटर ने अक्षत के नाम से ₹11,161 का बिल फाड़ा, लेकिन हाथ से सिर्फ ₹501 लिए। बाकी बचे ₹10,660 किसने भरे और किसके खाते में गए, इसका कोई जवाब नहीं मिला।

सवालों के घेरे में दुकान और सर्विस सेंटर

क्राइम का खतरा: ग्राहक का कहना है कि 7 महीने पहले चालू हुआ फोन क्या किसी गलत काम में इस्तेमाल हुआ था? कल को कोई पुलिस केस हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा?

टैक्स और जीएसटी चोरी: आशंका जताई जा रही है कि पुराने या रिफर्बिश्ड फोन को नया डिब्बा पैक बनाकर बेचना और बिलिंग में हेरफेर करना जीएसटी चोरी के बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।

मिलीभगत का खेल: बिल किसी और का, पेमेंट कोई और कर रहा है—यह दुकानदार और सर्विस सेंटर की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

पीड़ित ने सारे बिल और सबूत पुलिस को सौंपते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत एफआईआर और जीएसटी विभाग से जांच की मांग की है।

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