
रायपुर। छत्तीसगढ़ की उच्च शिक्षा के नक्शे पर अब एक बड़ा नाम जुड़ने जा रहा है। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शामिल नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) अब नवा रायपुर अटल नगर में अपना कैंपस स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में मंगलवार को संस्थान के लिए लीज अनुबंध और भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। यानी NMIMS के छत्तीसगढ़ आने का रास्ता अब साफ हो गया है।
40 एकड़ में बनेगा अत्याधुनिक कैंपस
NMIMS का कैंपस नवा रायपुर के सेक्टर-18 में करीब 40 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। संस्थान का संचालन करने वाले श्री विले पार्ले केलवणी मंडल (SVKM) को जमीन 90 साल की लीज पर दी गई है। राज्य मंत्रिपरिषद ने 21 जनवरी 2026 को इसके लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद अब लीज और रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी पूरी हो गई है।
दो-तीन साल में शुरू होगी पढ़ाई
पूरे संस्थान को विकसित करने की प्रक्रिया सात साल में पूरी करने का लक्ष्य है, लेकिन छात्रों को इसके लिए सात साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सरकार और संस्थान की योजना दो से तीन साल के भीतर पहला शैक्षणिक बैच शुरू करने की है। कैंपस पूरी तरह विकसित होने के बाद करीब 10 हजार विद्यार्थी यहां पढ़ सकेंगे।
महानगरों की ओर पलायन पर लगेगी लगाम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े, सरकार इसी दिशा में काम कर रही है। NMIMS की स्थापना इसी प्रयास की बड़ी कड़ी है। उनका कहना है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपने प्रदेश में ही देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जैसी शिक्षा और अवसर मिलना चाहिए।
मैनेजमेंट से रोजगार तक खुलेंगे रास्ते
NMIMS के आने का फायदा सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रहेगा। प्रबंधन, कौशल विकास और आधुनिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के साथ नवाचार, उद्यमिता और इंडस्ट्री आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्योगों की जरूरत के मुताबिक दक्ष युवाओं को तैयार करने में संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दूसरे राज्यों से भी आएंगे छात्र
नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का संस्थान शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ के बाहर से भी विद्यार्थी यहां पढ़ने आ सकते हैं। इससे शहर में एक ऐसा शैक्षणिक वातावरण तैयार होगा, जहां अलग-अलग राज्यों के विद्यार्थी, शिक्षक और शोधकर्ता साथ आएंगे। इसका असर शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय सेवाओं, रोजगार और दूसरे क्षेत्रों पर भी पड़ेगा।
नवा रायपुर बनेगा नॉलेज हब
राज्य सरकार नवा रायपुर को सिर्फ आधुनिक राजधानी के रूप में नहीं, बल्कि एजुकेशन और नॉलेज हब के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। NMIMS की स्थापना इस दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। राष्ट्रीय स्तर के संस्थान के आने से नवा रायपुर की शैक्षणिक पहचान को मजबूती मिलेगी।
सरकार के सामने अब असली चुनौती
NMIMS की जमीन और लीज की प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन असली परीक्षा अब कैंपस को तय समय में जमीन पर उतारने की होगी। सरकार ने दो-तीन साल में पहला बैच शुरू करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में निर्माण, अकादमिक ढांचा, फैकल्टी और पाठ्यक्रमों को समय पर तैयार करना बड़ी चुनौती होगी। सफलता इसी बात से तय होगी कि कागज पर शुरू हुई यह योजना कितनी जल्दी छात्रों के लिए वास्तविक अवसर में बदलती है।
ये अफसर रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, आवास एवं पर्यावरण सचिव अंकित आनंद और नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार मौजूद रहे।




