कोरोना काल में मिली छूट के बाद नहीं लौटे, जेल प्रशासन की पेशी में हुआ खुलासा
CG HIGHCOURT का खुलासा

रायपुर. कोरोना महामारी के दौरान संक्रमण के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ की विभिन्न जेलों से सैकड़ों कैदियों को पैरोल पर रिहा किया गया था। लेकिन अब सामने आया है कि इनमें से 70 कैदी अब तक जेल नहीं लौटे हैं। यह चौंकाने वाला खुलासा राज्य के जेल महानिदेशक (DG) संजय अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में किया है।
कोर्ट की सख्ती:
हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान जब यह मामला उठा, तो कोर्ट ने नाराजगी जताई और पूछा कि इतने लंबे समय तक कैदी जेल से बाहर कैसे हैं? DG ने जवाब में बताया कि ये कैदी कोविड-19 महामारी के समय पैरोल पर छोड़े गए थे, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी वापस नहीं आए।

कई बार नोटिस भेजे गए:
जेल प्रशासन ने इन फरार कैदियों को कई बार नोटिस और समन भेजे, लेकिन अधिकतर ने कोई जवाब नहीं दिया। अब इनके खिलाफ वारंट जारी कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अफसरों की चुप्पी पर भी सवाल:
हाईकोर्ट ने यह भी पूछा कि जेल विभाग या राज्य सरकार ने अब तक इस मुद्दे को गंभीरता से क्यों नहीं लिया? क्या ऐसे कैदियों पर नजर रखने की कोई व्यवस्था नहीं थी?
क्या था कोरोना काल में फैसला:
कोविड के समय भीड़भाड़ से संक्रमण फैलने के डर से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कई राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी कैदियों को अस्थाई रूप से रिहा किया गया था। लेकिन अब यह छूट प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई है।
अब अगली सुनवाई:
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए राज्य सरकार से पुख्ता कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
जेल DG बोले: “हम इन कैदियों की तलाश कर रहे हैं। कुछ की गिरफ्तारी हो चुकी है, बाकी को जल्द पकड़ लिया जाएगा।”



