
पिंपरी-चिंचवड़, महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम (पीसीएमसी), दिव्यांग भवन फाउंडेशन तथा नॉलेज पार्टनर के रूप में शामिल यूनिसेफ के द्वारा आयोजित ‘पर्पल जॉलीस 2025’, में छत्तीसगढ़ युवोदय वॉलंटियर्स ने मानसिक स्वास्थ्य में अपने किये गए अनूठे कार्यों का प्रदर्शन करके छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है ।


महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने युवोदय कार्यक्रम को सराहा और समावेशी मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली के निर्माण में उनकी समर्पण भावना की प्रशंसा की। उन्होंने युवोदय के स्टाल पर जाकर वॉलंटियर्स के साथ बात की और उनके साथ फोटो क्लिक कराया ।
इससे पूर्व छत्तीसगढ़ से गए पांच युवोदय वॉलंटियर्स—विनोद, एनीरोज़, कृष्णा, सूर्यकांत और कार्तिक—ने इस कार्यक्रम में विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने इंटरैक्टिव सेशंस की मेजबानी की तथा अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए । उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के लिए जागरूकता बढ़ाई।
इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों के लिए समावेश और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को बढ़ावा देने के प्रेरणादायक प्रयासों को उजागर किया गया। इस कार्यक्रम में साझेदारी के माध्यम से समावेशी मानसिक स्वास्थ्य पहल पर कार्य करने वाले स्वयंसेवी संगठन, कॉर्पोरेट जगत और अन्य लोगों को उनके अनुभव साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था।
इस मौके पर महाराष्ट्र के पीसीएमसी के आयुक्त, शेखर सिंह, आईएएस, यूनिसेफ प्रमुख संजय सिंह, छत्तीसगढ़ यूनिसेफ SBC विशेषज्ञ अभिषेक सिंह, बौलीवुड अभिनेत्री अनुरिता झा सहित देश भर से आए एनजीओ अधिकारी, कॉर्पोरेट जगत के लोग तथा हजारों दिव्यांगजन व आमलोग उपस्थित हुए ।
“समावेश के लिए साझेदारी, बढ़ते भारत के लिए आवश्यक*
पीसीएमसी के आयुक्त, शेखर सिंह, आईएएस, ने विशेष लक्ष्य के लिए साझेदारी करने की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि “पर्पल जॉलीस एक आयोजन से कहीं अधिक समावेशी भारत की ओर एक बढ़ता कदम है। हमारा उद्देश्य यूनिसेफ के साथ मिलकर, दिव्यांगजनों को सशक्त बनाना है।”
छत्तीसगढ़ से गए यूनिसेफ के SBC विशेषज्ञ अभिषेक सिंह ने युवोदय वॉलंटियर्स की सराहना करते हुए कहा कि “युवोदय अपने समर्पण से बदलाव ला रहा है और दिव्यांगजनों के लिए मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर आवश्यक ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह बदलाव देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा देगा।”
इस कार्यक्रम में विशिष्ट रूप से उपस्थित अभिनेत्री अनुरिता झा ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि “युवोदय यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर आवाज़ सुनी जाए तथा हर व्यक्ति को समर्थन मिले और सचमुच यही वह सामाजिक बदलाव है, जिसकी हमें आवश्यकता है।”
तकनीक बना मानसिक स्वास्थ्य पहल का सच्चा साथी
भारत में विकसित होती तकनीक अब मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी हमारा साथी बन सकता है । इसे सूत्र मानकर युवोदय ने वॉलंटियर एंगेजमेंट और मानसिक स्वास्थ्य संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह कार्यक्रम अब छत्तीसगढ़ के 10 जिलों में जिला अधिकारियों के सहयोग से संचालित हो रहा है।
व्हीलचेयर उपयोगकर्ता और मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता, कृष्णा यादव ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि “मानसिक स्वास्थ्य हमारे अनुभव और भावनाओं से जुड़ा है, न कि हमारी शारीरिक क्षमताओं से। यहां आना मेरे लिए सशक्तिकरण और प्रेरणा का अनुभव रहा है।”
पर्पल जॉलीस 2025 एक सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ:
“वास्तविक समावेश के लिए सम्मान और गरिमा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता आवश्यक है।”



