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केजरीवाल अब 14 दिन CBI की न्यायिक हिरासत में रहेंगे, ऑर्डर के बाद कोर्ट ने दिखाई नरमदिली कहा, 10 मिनट परिवार से मिल लीजिए

केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में देशभर में प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ इकाई ने भी दिखाई ताकत

 

तिहाड़ जेल में बंद अरविंद केजरीवाल को एक और बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की सीबीआई की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

सीबीआई ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को न्यायिक हिरासत में भेजा जाए क्योंकि वह एक प्रमुख राजनेता हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री होने के साथ बहुत प्रभावशाली हैं। सीबीआई ने कहा कि अगर उन्हें न्यायिक हिरसत में नहीं भेजा गया तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं और पूछताछ के दौरान उनके सामने आए सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।

कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए 12 जुलाई तक केजरीवाल को सीबीआई की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बता दें, हाल ही में सीबीआई ने केजरीवाल को दिल्ली शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 3 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था। आज हिरासत की अवधि खत्म होने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील विक्रम चौधरी ने अदालत 5 मिनट तक दलीलें पेश करने का अनुरोध किया। अदालत ने कहा के आप एक या दो दिन बाद संबंधित अदालत में जमानत के लिए आवेदन दायर कर सकते हैं। लेकिन आप न्यायिक हिरासत का विरोध नहीं कर सकते। हालांकि अदालत ने बचाव पक्ष को पांच मिनट सुनने पर सहमति दी।

कोर्ट ने कहा- न्यायिक हिरासत के अलावा कोई विकल्प नहीं

केजरीवाल के वकील विक्रम चौधरी ने कहा, केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि केस डायरी में जो कुछ भी है, वह अदालत के पास होना चाहिए। अदालत ने कहा कि हालांकि यह देखना अदालत का दायित्व है कि जांच अधिकारी ने मामले की जांच के दौरान क्या कदम उठाए है, यह अदालत और जांच अधिकारी के बीच का मामला है। सभी के सामने जांच का खुलासा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस बारे में चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है, अदालत रिमांड की आवश्यकता पर खुद को संतुष्ट करेगी। अदालत ने कहा कि पुलिस रिमांड पूरा होने के बाद अदालत के पास न्यायिक हिरासत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। लेकिन आरोपी जमानत के लिए आवेदन कर सकता है।

अदालत ने कहा कि न्यायाधीश के पास न्यायिक हिरसत के जांच अधिकारी के आवेदन को खारिज करने का कोई प्रावधान नहीं है। बचाव पक्ष ने दो आग्रह अदालत से किए। पहला सीबीआई की केस डायरी समेत सभी सामग्री तुरंत रिकार्ड पर ली जाएं। दूसरी जमानत याचिका दाखिल करने की अनुमति दी जाए। अदालत ने कहा कि वह इस पर विचार करेंगी।

कोर्ट में केजरीवाल को परिवार से मिलने की अनुमति

उधर सीबीआई के वकील डीपी सिंह ने केजरीवाल के वकील की दलीलों का विरोध किया। जज ने कहा, मैं चाहूंगी कि जांच अधिकारी कृपया केस डायरी के प्रासंगिक पन्नों को चिह्नित करें, क्योंकि वे विचारणीय नहीं हैं। उधर केजरीवाल के वकील ने कोर्ट से पूछा कि क्या केजरीवाल का परिवार कोर्ट में मौजूद रहने के दौरान उनसे 10 मिनट के लिए मिल सकता है? न्यायाधीश ने परिवार के सदस्यों को अदालत में केजरीवाल से मिलने की अनुमति दे दी और अन्य लोगों को कुछ समय के लिए वहां से चले जाने को कहा।

इधर केजरीवाल की गिरफ्तारी और कार्रवाई के विरोध में आप कार्यकर्ता देशभर की सड़कों पर उतरे, बारिश के बीच छत्तीसगढ़ इकाई ने भी जोरदार प्रदर्शन किया ।
पार्टी ने भाजपा कार्यालय के पास प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी लेकिन प्रशासन ने स्वीकृति नही दी। बावजूद इसके आप के नेता बूढ़ापारा धरना स्थल से रैली निकाल कर आक्रोश व्यक्त किया ।
इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों व पुलिस के बीच जोरआजमाइश भी हुई आप के पदाधिकारियों द्वारा बार बार भाजपा कार्यालय तक जाने की मांग करते रहे लेकिन पुलिस ने भारी बल प्रयोग कर उन्हें सप्रे शाला मैदान के आगे ही रोक दिया।

इस दौरान प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने कहा कि यह तानाशाही की पराकाष्ठा है अरविंद जी कोर्ट ने बेल दे दिया था लेकिन ईडी ने हाइकोर्ट जा कर कहा कि हमे सुना नही गया जबकि 6 घंटे तक इस मामले में ईडी की दलील निचली अदालत ने सुनी इस तरह का यह पहला मामला है जिसमे दिल्ली के चुने हुए मुख्यमंत्री के साथ इस तरह बर्ताव हो रहा है छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार भी हमे इस आंदोलन को करने रोक रही है देश मे अब आंदोलन करने का अधिकार भी वह हमसे छीनना चाहती है और जिस तरह से केंद्र के इशारों पर ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग हो रहा है और भाजपा, आम आदमी पार्टी को ख़त्म करने के उद्देश्य से काम रही है। इसे लेकर मोदी सरकार मुगालते में है।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से पार्टी पदाधिकारी गोपाल साहू, सूरज उपाध्याय, उत्तम जायसवाल, जसवीर सिंह, प्रियंका शुक्ला, विजय गुरुभक्षणि, अरुण नायर, अनुषा जोसेफ, के ज्योंति, समीर खान, नंदन सिंह, पवन चंद्रवंदी, पवन सक्सेना, एम एम हैदरी, कलावती मार्को, वीरेंद्र पवार, लुक्षमन सेन, देवलाल नरेटी, विजय झा सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।

 

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